
रायपुर। Cg dustak

छत्तीसगढ़ में यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा निर्णय लिया है। अब राज्य की सभी यात्री बसों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) लगाना और उसे सक्रिय रखना अनिवार्य होगा। परिवहन विभाग ने बस संचालकों को 15 दिनों के भीतर यह व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय-सीमा के बाद नियमों का पालन नहीं करने वाले बस संचालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन सचिव ने ली समीक्षा बैठक

परिवहन सचिव एवं परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश ने नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन में बस संचालकों और विभाग द्वारा अधिकृत वीएलटीडी वेंडरों की संयुक्त बैठक लेकर व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन बसों में अभी तक वीएलटीडी नहीं लगी है, उनमें 15 दिनों के भीतर इसे अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाए। वहीं जिन बसों में डिवाइस लगी है लेकिन सक्रिय नहीं है, उसे तत्काल चालू किया जाए।
सड़क हादसों के बाद लिया गया फैसला

परिवहन विभाग के अनुसार, वर्ष 2025 में राजस्थान के फलोदी और तेलंगाना के रंगारेड्डी में हुए भीषण सड़क हादसों के बाद सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है। महिलाओं, बच्चों और सभी यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है।
कमांड सेंटर से होगी हर बस की निगरानी
राज्य मुख्यालय के कमांड एवं नियंत्रण केंद्र से सभी बसों की लाइव निगरानी की जाएगी। उपग्रह आधारित ट्रैकिंग प्रणाली के जरिए यह पता लगाया जा सकेगा कि बस निर्धारित मार्ग पर चल रही है या नहीं तथा समय पर संचालन हो रहा है या नहीं।
इसके अलावा यात्री संगवारी ऐप के माध्यम से बसों की वास्तविक समय (Real-Time) लोकेशन भी देख सकेंगे, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगी।
आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी
अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) स्थापित किए जा रहे हैं। इससे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की तुरंत पहचान कर कार्रवाई की जा सकेगी।
क्या है VLTD?
Vehicle Location Tracking Device (VLTD) एक उपग्रह आधारित जीपीएस प्रणाली है, जो वाहन की हर पल की लोकेशन और गतिविधि की जानकारी नियंत्रण केंद्र तक पहुंचाती है। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने और वाहन की निगरानी करने में यह तकनीक बेहद उपयोगी मानी जाती है।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 दिन की मोहलत समाप्त होने के बाद नियमों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








