महादेव सट्टा ऐप मामले में CBI की 6 नई चार्जशीट, करोड़ों की हवाला और फर्जी खातों के नेटवर्क का खुलासा

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नई दिल्ली/रायपुर। CG DASTAK 

महादेव नेटवर्क से जुड़े 66 लोगों पर शिकंजा, 4336 करोड़ की संपत्ति जब्त; चार विदेशी आरोपियों पर रेड कॉर्नर नोटिस जारी

नई दिल्ली/रायपुर। देश के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा कदम उठाते हुए विशेष अदालत में छह नई चार्जशीट दाखिल की हैं। इनमें एक चार्जशीट महादेव ऐप से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले और पांच अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से संबंधित हैं।

सीबीआई की चार्जशीट में असीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छापरिया, अनिल धमानी सहित भोपाल के रैपिड ट्रेवल एजेंसी संचालक विशाल आहूजा और धीरज आहूजा को आरोपी बनाया गया है।

जांच एजेंसी के अनुसार, आहूजा बंधु महादेव ऐप के प्रमोटरों, उनके परिवार और सहयोगियों की देश-विदेश की हवाई यात्राओं की बुकिंग का काम संभालते थे। इसके लिए विभिन्न टिकट कंपनियों में पहले से वॉलेट बैलेंस जमा कराया जाता था, जिससे टिकटों की बुकिंग की जाती थी।

फर्जी खातों के जरिए विदेश भेजी जाती थी रकम

सीबीआई जांच में यह भी सामने आया है कि ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से अर्जित रकम फर्जी बैंक खातों और हवाला चैनलों के माध्यम से विदेश भेजी जाती थी। एजेंसी का आरोप है कि नेटवर्क के संचालन और संरक्षण के लिए कुछ लोगों को कथित तौर पर “प्रोटेक्शन मनी” भी दी जाती थी।

जांच के दौरान मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ अतिरिक्त साक्ष्य भी अदालत में प्रस्तुत किए गए हैं।

डिजिटल विज्ञापनों से फैलाया गया नेटवर्क

सीबीआई के मुताबिक, महादेव नेटवर्क ने सोशल मीडिया और डिजिटल विज्ञापनों का आक्रामक उपयोग कर देशभर में अपना अवैध सट्टा कारोबार फैलाया। एजेंसी पश्चिम एशिया में छिपे आरोपियों को भारत लाने की कोशिश कर रही है। चार आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया है।

4336 करोड़ की संपत्ति जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई में अब तक देशभर में 175 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है। जांच एजेंसियों ने करीब 4,336 करोड़ रुपये की संपत्ति, नकदी और आभूषण जब्त किए हैं।

जांच के समानांतर सीबीआई ने 66 अन्य लोगों के खिलाफ भी पांच अतिरिक्त आरोप पत्र दाखिल किए हैं। इनमें कथित “सट्टेबाजी सिंडिकेट पैनल” के कई प्रमुख सदस्य शामिल हैं।

चार्जशीट में नेताओं और अफसरों के नाम नहीं

महादेव सट्टा ऐप मामले में ईडी और अन्य एजेंसियों की जांच में कई नेताओं और अधिकारियों के नाम सामने आने के बाद यह मामला सीबीआई को सौंपा गया था। हालांकि, अब तक दाखिल चार्जशीट में किसी भी नेता या वरिष्ठ अधिकारी का नाम शामिल नहीं किए जाने से जांच की दिशा और निष्कर्षों पर सवाल उठ रहे हैं।

सीबीआई ने 18 दिसंबर 2024 को ईडी और ईओडब्ल्यू की एफआईआर के आधार पर 21 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था। करीब डेढ़ साल की जांच के बाद एजेंसी ने नई चार्जशीट पेश की है।

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