स्टेट टैक्स इंस्पेक्टर भर्ती रद्द करने का फैसला हाईकोर्ट ने सही ठहराया, 500 से अधिक अभ्यर्थियों को झटका

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बिलासपुर। CG DASTAK 

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में स्टेट टैक्स इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वर्ष 2021 और 2022 में आयोजित विभागीय भर्ती परीक्षा को निरस्त करने तथा उसके आधार पर जारी नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को सही ठहराया है। कोर्ट के इस फैसले से 500 से अधिक अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित हुई है।

यह मामला वाणिज्यिक कर विभाग में सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए आयोजित सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा से जुड़ा है। इस परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को स्टेट टैक्स इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्ति दी गई थी। बाद में परीक्षा में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं, जिसके बाद राज्य सरकार ने जांच कराई थी।

जांच समिति की रिपोर्ट के बाद रद्द हुई थी परीक्षा

परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद राज्य सरकार ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने 11 सितंबर 2026 को परीक्षा और उसके आधार पर जारी नियुक्तियों को रद्द कर दिया था।

इस फैसले से प्रभावित कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सरकार के आदेश को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि भर्ती रद्द करने से चयनित कर्मचारियों के हित प्रभावित हो रहे हैं और सरकार का फैसला उचित नहीं है।

जांच में मिली थीं कई गंभीर अनियमितताएं

सुनवाई के दौरान शासन की ओर से जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में परीक्षा प्रक्रिया में कई तरह की अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरपुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया और अनुमोदन के रिकॉर्ड नहीं मिले। कुछ उत्तरपुस्तिकाओं के पन्नों पर क्रमांक नहीं थे और वे एक-दूसरे से बंधे हुए भी नहीं थे।

इसके अलावा, जांच में खरीदी गई उत्तरपुस्तिकाओं की संख्या और इस्तेमाल के बाद बची उत्तरपुस्तिकाओं के आंकड़ों में भी अंतर पाया गया। कुछ अभ्यर्थियों के जवाबों में कथित तौर पर शब्दशः समानता मिलने की बात भी सामने आई थी।

500 से अधिक अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया प्रभावित

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि परीक्षा में 500 से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे और जांच में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं सामने आई थीं। ऐसे में यह तय करना संभव नहीं था कि किन अभ्यर्थियों को इन गड़बड़ियों का लाभ मिला।

कोर्ट ने माना कि पूरी भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं थीं। इसलिए राज्य सरकार द्वारा परीक्षा और उसके आधार पर जारी नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला गलत नहीं था।

नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का आदेश

हाईकोर्ट ने परीक्षा रद्द करने और नियुक्तियां निरस्त करने के शासन के फैसले को सही ठहराया है। साथ ही नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू कर उसे जल्द पूरा करने का निर्देश भी दिया गया है।

इस फैसले के बाद अब संबंधित विभाग के सामने नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की जिम्मेदारी होगी। वहीं, प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए आगे की स्थिति विभाग द्वारा जारी आदेशों और भर्ती प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

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