
महासमुंद जिले के सरायपाली नगरपालिका में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। कहीं पानी की किल्लत है, तो कहीं लाखों की मशीनें शोपीस बनकर रह गई हैं और खड़ी हैं। एसडीएम ऑफिस और बस स्टैंड के पास लगाए गए वाटर एटीएम पिछले कई सालों से खराब पड़े हुए हैं।
2016-17 में करीब 10-10 लाख की लागत से लगाए गए इन वाटर एटीएम का मकसद राहगीरों को सिर्फ ₹1 में ठंडा पानी उपलब्ध कराना था, लेकिन एक-दो साल चलने के बाद ये मशीनें बंद हो गई हैं और अब महज शोपीस की तरह लगी हुई हैं। अब लोग ₹20 लीटर पानी की बोतल खरीदने के लिए मजबूर हैं।”
दिनेश यादव मुख्य नगरपालिका अधिकारी सरायपाली का कहना है कि
“यह एक सरकार की योजना थी, जो 16-17 में लॉन्च हुई थी। इसमें एजेंसियों को प्रत्येक नगरपालिका, नगर पंचायतों में ऐसा लगाया जाना था। उसी के तहत यहाँ भी दो वाटर एटीएम लगाए गए हैं। मुझे जानकारी मिली है कि दोनों वाटर एटीएम बंद हैं। एजेंसी को ही इसमें मेंटेन करना था, लेकिन एजेंसी… आज की स्थिति में एजेंसी आज तक, मेरे को आए यहाँ लगभग साल भर हो गया, एजेंसी से संपर्क नहीं हो पाया है।”
स्थानीय नागरिक संदिप अग्रवाल कहना है कि
“ये बस स्टैंड जो यात्री प्रतीक्षालय और यात्रियों के आने-जाने का मुख्य केंद्र है, यहाँ पर सरकार की योजना से जो वाटर एटीएम नगरपालिका के द्वारा लगवाया गया था, वो वाटर एटीएम जो है एक शोपीस बनकर रह गया है। तो नगरपालिका इस ओर ध्यान नहीं दे रही है, अब नगरपालिका ध्यान नहीं दे रही है या एजेंसी, ये तो नहीं मालूम, लेकिन ये जो वाटर एटीएम ₹1 में पानी देने की बात थी, सिर्फ कागजों पर रह गई है।”










