
नई दिल्ली। CG DASTAK
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक विवाद के बाद नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। अब परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है।
22 लाख से ज्यादा छात्रों ने दी थी परीक्षा
NTA ने 3 मई 2026 को देशभर में NEET UG परीक्षा आयोजित की थी, जिसमें करीब 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। लेकिन परीक्षा के बाद पेपर लीक और गेस पेपर से सवाल मिलने के दावे सामने आने के बाद विवाद गहरा गया।
125 सवाल गेस पेपर से मिलने का दावा
सूत्रों के मुताबिक, परीक्षा से पहले वायरल हुए कथित गेस पेपर में दिए गए कई सवाल हूबहू मुख्य परीक्षा में पूछे गए थे। बताया जा रहा है कि –
- बायोलॉजी के करीब 90 सवाल
- केमिस्ट्री के 35 सवाल
मुख्य प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। यानी कुल 180 में से लगभग 125 सवाल पहले ही लीक होने की आशंका जताई जा रही है।
NTA ने जारी किया बयान
NTA ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। एजेंसी ने बताया कि 8 मई को परीक्षा से जुड़े मामलों को केंद्रीय जांच एजेंसियों को भेजा गया था। इसके बाद मिले इनपुट और जांच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया।
एजेंसी ने साफ किया है कि NEET UG 2026 अब दोबारा आयोजित की जाएगी और नई परीक्षा तिथि जल्द घोषित की जाएगी।
राजस्थान के सीकर से सामने आया मामला
पेपर लीक का मामला सबसे पहले राजस्थान के सीकर से सामने आया था। इस मामले की जांच राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) कर रही है।
शुरुआत में SOG ने पेपर लीक से इनकार किया था, लेकिन बाद में स्वीकार किया गया कि परीक्षा से पहले वायरल गेस पेपर के कई सवाल वास्तविक परीक्षा में पूछे गए थे।
एक आरोपी गिरफ्तार
मामले में जयपुर से मनीष नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसियां उसे पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक मान रही हैं। उसके मोबाइल, कॉल रिकॉर्ड और संपर्कों की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह नेटवर्क राजस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि कई अन्य राज्यों में भी फैला हो सकता है।
CBI करेगी पूरे नेटवर्क की जांच
केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंप दी है। अब यह जांच की जाएगी कि प्रश्नपत्र लीक कैसे हुआ, इसमें कौन-कौन शामिल थे और किन स्तरों पर लापरवाही हुई।
इस फैसले के बाद देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है, वहीं निष्पक्ष परीक्षा की मांग तेज हो गई है।










