
रायपुर। CG DASTAK
छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक रुपनारायण सिन्हा के निधन के बाद बुधवार को राजधानी रायपुर के कबीर नगर स्थित उनके निवास पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। परिजन, स्वजन, राजनीतिक दलों के नेता, संघ के स्वयंसेवक और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग बड़ी संख्या में पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते रहे।

पूरे विधि-विधान से हुआ अंतिम संस्कार
कबीर नगर स्थित मुक्तिधाम में पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके ज्येष्ठ पुत्र नीरज सिन्हा ने नम आंखों से अपने पिता को मुखाग्नि दी। अंतिम यात्रा के दौरान “भारत माता की जय” और “रुपनारायण सिन्हा अमर रहें” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
मुख्यमंत्री सहित कई दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
रुपनारायण सिन्हा के निवास पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्री केदार कश्यप, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, सांसद भोजराज नाग, विधायक धरमलाल कौशिक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह, विधायक राजेश मूणत, ललित चंद्राकर, पूर्व मंत्री पूनम चंद्राकर, रामप्रताप सिंह, जितेंद्र वर्मा, गौरीशंकर अग्रवाल, हलधर महामल्ला, पूरनेन्द्र सिन्हा सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, संघ पदाधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

राष्ट्र और समाजसेवा को समर्पित रहा जीवन
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने रुपनारायण सिन्हा के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र, समाज और संगठन को समर्पित कर दिया। संघ प्रचारक के रूप में उन्होंने बस्तर सहित छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में संगठन विस्तार और सामाजिक जागरण में अहम भूमिका निभाई। वहीं योग आयोग के अध्यक्ष के रूप में योग को गांव-गांव तक पहुंचाने का अभियान चलाया।
मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रुपनारायण सिन्हा का निधन छत्तीसगढ़ और राष्ट्रवादी विचार परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि सिन्हा जी ने अपना संपूर्ण जीवन संगठन, समाजसेवा और भारतीय संस्कृति के मूल्यों के लिए समर्पित किया। उनका सादगीपूर्ण जीवन, अनुशासन और कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीय व्यवहार सदैव प्रेरणादायी रहेगा।

“कर्मयोगी के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे”
भाजपा प्रदेश मंत्री जितेंद्र वर्मा ने कहा कि रुपनारायण सिन्हा के निधन से पूरे प्रदेश में शोक का वातावरण है। उन्होंने अंतिम सांस तक राष्ट्रसेवा और संगठन साधना का मार्ग नहीं छोड़ा और एक सच्चे कर्मयोगी के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे।









