EXCLUSIVE: जिले की शराब दुकानों के जिला समन्वयक का पुलिस वेरिफिकेशन संदिग्ध! थाने ने कहा- हमारे यहां से जारी नहीं हुआ प्रमाण पत्र

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एक सर्टिफिकेट से खुल सकते हैं कई राज! शराब दुकानों की नियुक्तियों पर नई बहस

रायपुर। CG DASTAK 

राजधानी रायपुर में शासकीय शराब दुकानों में मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाली निजी कंपनी के जिला समन्वयक के पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। संबंधित दस्तावेज की सत्यता पर सवाल उठने के बाद पूरे मामले में जांच की मांग तेज हो गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला समन्वयक परितोष कश्यप द्वारा नौकरी के दौरान पुलिस वेरिफिकेशन प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया था। हालांकि, दस्तावेज की पड़ताल के दौरान यह सवाल खड़ा हुआ कि उक्त प्रमाण पत्र वास्तव में जारी हुआ था या नहीं।

सूत्रों के मुताबिक, जब संबंधित दस्तावेज के संबंध में थाना मोवा-पंडरी से जानकारी ली गई, तो थाना प्रभारी ने कथित तौर पर बताया कि यह प्रमाण पत्र उनके थाने से जारी नहीं किया गया है। इसके बाद दस्तावेज की वैधता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मामले में एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आया है कि संबंधित व्यक्ति का निवास क्षेत्र कचना बताया जा रहा है, जो खम्हारडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जबकि प्रस्तुत पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र मोवा-पंडरी थाना से जारी होना दर्शाया गया है।

चूंकि संबंधित व्यक्ति वर्तमान में जिले की सभी शासकीय शराब दुकानों में जिला समन्वयक के पद पर कार्यरत है और भर्ती संबंधी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए अब नियुक्तियों की पारदर्शिता को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

सूत्रों के अनुसार, नौकरी दिलाने के नाम पर पैसों के लेन-देन संबंधी आरोप भी सामने आ रहे हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

इधर, हाल ही में फर्जी नियुक्ति पत्र और नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किए गए दिलीप यादव के साथ जिला समन्वयक की तस्वीर सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है। हालांकि दोनों के बीच किसी आपराधिक संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र वास्तव में फर्जी पाया जाता है, तो इतने महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति कैसे हुई? क्या नियुक्ति प्रक्रिया में दस्तावेजों की पर्याप्त जांच नहीं की गई? और यदि दस्तावेज फर्जी है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध क्या कार्रवाई होगी?

फिलहाल पूरे मामले में संबंधित एजेंसियों और कंपनी प्रबंधन की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच होने पर कई और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं।

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