छत्तीसगढ़ में सुशासन की बात की जाती है, लेकिन कल रात भनपुरी चौक में हुए सड़क हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए।

0

CG DASTAK 

रात करीब 10 बजे सड़क दुर्घटना के बाद 108 एम्बुलेंस को फोन किया गया, लेकिन आरोप है कि 30 मिनट बाद भी लगातार लोकेशन और पता ही पूछा जाता रहा। इसके बाद 112 से संपर्क किया गया, जो कुछ समय बाद मौके पर पहुंची।

परिजनों का आरोप है कि 112 स्टाफ द्वारा मरीज को केवल NKD अस्पताल ले जाने की बात कही गई, जबकि मरीज और उसके परिजन बालाजी अस्पताल, नारायणा अस्पताल या अग्रवाल अस्पताल ले जाना चाहते थे।

अब सवाल यह उठता है कि: 🔹 गंभीर स्थिति में 108 सेवा समय पर क्यों नहीं पहुंची? 🔹 क्या मरीज और परिजनों को अस्पताल चुनने का अधिकार नहीं है? 🔹 आखिर NKD अस्पताल ले जाने की जिद क्यों की गई?

यदि इस मामले में कोई प्रशासनिक दिशा-निर्देश हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि आम जनता को सही जानकारी मिल सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here