
रायपुर। CG DASTAK
जुलाई को आमतौर पर छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना माना जाता है, लेकिन इस बार प्रदेश में मॉनसून की रफ्तार थम गई है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के किसी भी हिस्से में बारिश दर्ज नहीं की गई। वहीं 1 जून से अब तक प्रदेश में सामान्य से 26 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल ‘ब्रेक मॉनसून’ की स्थिति बनी हुई है। इस दौरान मॉनसूनी सिस्टम कमजोर पड़ जाते हैं और बारिश देने वाले तंत्र राज्य से दूर चले जाते हैं, जिससे बारिश की गतिविधियां लगभग थम जाती हैं।
हालांकि राहत की बात यह है कि 15 और 16 जुलाई से बारिश की गतिविधियां फिर तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों में गरज-चमक और भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश के ऊपर सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन तथा मॉनसून ट्रफ के प्रभाव से प्रदेश में दोबारा अच्छी बारिश होने के संकेत हैं।
आधे जिले बारिश की कमी से जूझ रहे

प्रदेश के 32 जिलों में से 16 जिले अभी भी सामान्य से कम बारिश झेल रहे हैं। सबसे अधिक चिंता उत्तर छत्तीसगढ़ और बस्तर संभाग के जिलों को लेकर है।
सबसे कम बारिश वाले जिले:
वहीं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में सबसे अधिक 462.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 74 प्रतिशत ज्यादा है। इसके अलावा मुंगेली में भी सामान्य से 21 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।
रायपुर और बिलासपुर सबसे गर्म

मंगलवार को प्रदेश में सबसे अधिक 35.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रायपुर और बिलासपुर में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले दो दिनों में अच्छी बारिश होती है तो किसानों को राहत मिलेगी और खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आएगी। फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
CG Dastak
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