
राजनांदगांव। CG DASTAK
जिले में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। कलेक्टर जितेंद्र यादव ने सभी संबंधित अधिकारियों को बाढ़ एवं जलभराव संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि लगातार बारिश के कारण नदी-नालों और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका बनी हुई है। ऐसे में सभी अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण करें और हालात पर लगातार नजर बनाए रखें।
नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील
कलेक्टर ने आम नागरिकों से अपील की है कि तेज बारिश के दौरान नदी-नालों और तटीय क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा नदी किनारे बसे गांवों और बस्तियों में मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
जलभराव वाले इलाकों का किया निरीक्षण
कलेक्टर के निर्देश पर नगर निगम आयुक्त ने शहर के जलभराव संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टिम्बर मार्केट, जिला अस्पताल परिसर, राजीव नगर, ममता नगर, डीएफओ बंगले के पीछे तथा नंदई चौक का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई और नालों पर बने अवरोधों को हटाकर पानी की निकासी सुचारू कराई गई। फिलहाल सभी स्थानों पर स्थिति सामान्य बताई गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रशासन सतर्क
एसडीएम डोंगरगढ़ ने केदारबाड़ी और वार्ड क्रमांक-3 का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं एसडीएम डोंगरगांव ने बगदई, रूदगांव और कोहका सहित बाढ़ संभावित गांवों का दौरा किया, जहां स्थिति सामान्य पाई गई।
सीईओ जनपद पंचायत छुरिया ने भी बाढ़ संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिवों को गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क करने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह देने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने कहा- सतर्क रहें, अफवाहों से बचें
जिला प्रशासन ने कहा है कि बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन या नियंत्रण कक्ष को दें। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाएगा।










