कांकेर छात्रावास घटना की जांच के लिए 5 सदस्यीय समिति गठित, 10 दिनों में देगी रिपोर्ट

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कांकेर। छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल स्थित कन्या आवासीय छात्रावास में हाल ही में हुई घटना को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। घटना के विभिन्न पहलुओं की जांच के लिए कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति को 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।

इसी सिलसिले में कलेक्टर कुन्दन कुमार और पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने 30 अक्टूबर को दुर्गूकोंदल स्थित कन्या आवासीय छात्रावास एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्या आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने छात्रावास की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं तथा स्वास्थ्य से जुड़े विषयों की जानकारी ली।

पांच अधिकारियों की समिति करेगी घटना की जांच

जिला प्रशासन की ओर से गठित जांच समिति में पांच अधिकारियों को शामिल किया गया है। इनमें एसडीएम भानुप्रतापपुर अनिकेत फडतरे, डिप्टी कलेक्टर रानू मैथ्यूज़, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग जया मनु, खंड चिकित्सा अधिकारी दुर्गूकोंदल डॉ. मनोज किशोर और नायब तहसीलदार कोरर योगिता पात्रे शामिल हैं।

समिति छात्रावास में हुई घटना से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की जांच करेगी। निर्धारित समयसीमा के अनुसार, समिति को 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट कलेक्टर के सामने प्रस्तुत करनी है।

हालांकि, उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी में घटना के सभी विवरणों का उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में जांच पूरी होने और रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले के विभिन्न पहलुओं पर स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

कलेक्टर और SP ने छात्राओं से की बातचीत

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कुन्दन कुमार और पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने छात्रावास की अधीक्षिका से चर्चा कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने छात्राओं से आत्मीय संवाद किया और उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं तथा स्वास्थ्य संबंधी विषयों को समझने का प्रयास किया।

अधिकारियों ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। साथ ही, छात्राओं की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनने और समय पर समाधान करने पर जोर दिया गया।

अस्वस्थ छात्रा का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान एक छात्रा के अस्वस्थ होने की जानकारी सामने आई। इस पर कलेक्टर ने एसडीएम को मेडिकल कॉलेज से समन्वय कर छात्रा का समुचित स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए।

इसके अलावा छात्रावास में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने, चिकित्सकों के भ्रमण की व्यवस्था करने और आवश्यकता पड़ने पर मनोचिकित्सक की सेवाएं उपलब्ध कराने को कहा गया। कलेक्टर ने छात्रावास में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कराने के निर्देश भी दिए।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आवासीय संस्थानों में रहने वाले बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उनकी मानसिक स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए नियमित संवाद और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की निगरानी पर जोर दिया गया।

साफ-सफाई, सुरक्षा और पेयजल की गुणवत्ता पर जोर

निरीक्षण के दौरान छात्रावास परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया गया। कलेक्टर ने आवश्यक सुधार करने तथा छात्रावासों में सुरक्षा की दृष्टि से गार्ड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही पेयजल की गुणवत्ता की जांच लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के माध्यम से कराने को कहा गया। संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य आवश्यक जांच सुनिश्चित करने और छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए।

प्रशासन का जोर इस बात पर है कि छात्रावासों में रहने वाली छात्राओं को सुरक्षित वातावरण, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों।

सभी छात्रावासों में कलेक्टर-SP के मोबाइल नंबर होंगे प्रदर्शित

कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी आश्रमों एवं छात्रावासों में कलेक्टर और एसपी के मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित कराने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि जरूरत पड़ने पर छात्राएं और उनके अभिभावक संबंधित अधिकारियों से सीधे संपर्क कर सकें।

इस व्यवस्था को लागू कराने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी, डीएमसी और सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

बच्चों की सुरक्षा और समस्याओं पर रहेगी निगरानी

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवासीय संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति और सुविधाओं पर लगातार ध्यान दिया जाए। छात्राओं से नियमित संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए, ताकि किसी भी परेशानी का समय रहते समाधान किया जा सके।

फिलहाल, दुर्गूकोंदल स्थित कन्या आवासीय छात्रावास की घटना की जांच पांच सदस्यीय समिति करेगी। समिति की रिपोर्ट आने के बाद घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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