
दुर्ग, 30 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शादी के इच्छुक युवकों को निशाना बनाकर कथित तौर पर ठगी करने वाले फर्जी मैरिज ब्यूरो का मामला सामने आया है। दुर्ग पुलिस के मुताबिक, सुपेला पुलिस ने सोशल मीडिया पर मैट्रिमोनी सेवाओं के नाम से कॉल सेंटर चलाने और AI से बनाई गई काल्पनिक युवतियों की तस्वीरों के जरिए लोगों को शादी का झांसा देने के आरोप में 24 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपी की पहचान परमानंद यादव के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के ठिकाने से नकदी, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, कंप्यूटर और बैंकिंग से संबंधित दस्तावेज समेत कुल 2,83,600 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
फेसबुक और इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देकर लोगों को फंसाने का आरोप
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी सुपेला क्षेत्र में उत्तर गंगोत्री भवन, यूनियन बैंक के पास एक हॉल में कथित फर्जी मैरिज ब्यूरो संचालित कर रहा था। सोशल मीडिया पर कल्याण मैट्रिमोनी, एलिट मैच और फ्यूचर पार्टनर नामों से विज्ञापन दिए जाने की बात सामने आई है।

आरोप है कि इन विज्ञापनों में AI की मदद से बनाई गई काल्पनिक युवतियों की तस्वीरें और संपर्क नंबर इस्तेमाल किए जाते थे। शादी के लिए साथी तलाश रहे युवक जब इन विज्ञापनों के जरिए संपर्क करते थे, तो उनसे बायोडाटा लिया जाता था। इसके बाद पसंद की लड़की से रिश्ता कराने का भरोसा देकर पैसे मांगे जाते थे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर मैरिज काउंसलर के नाम से बनाए गए QR कोड या बैंक खातों में शुरुआती तौर पर 2,000 रुपये और अन्य रकम जमा करवाता था। पैसे मिलने के बाद संपर्क करने वालों के नंबर ब्लैकलिस्ट कर दिए जाते थे। पुलिस मामले में ठगी के कथित तरीके और इससे प्रभावित लोगों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस की दबिश में आरोपी और चार युवतियां मिलीं
पुलिस के अनुसार, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 29 अक्टूबर को सुपेला पुलिस ने बताए गए ठिकाने पर दबिश दी। वहां आरोपी के साथ चार युवतियां काम करती मिलीं।
पुलिस को युवतियों ने बताया कि उन्हें मैरिज काउंसलर के रूप में काम करने के लिए रखा गया था और इसके बदले 7,000 रुपये मासिक वेतन देने की बात कही गई थी। उनके अनुसार, दो दिन की ट्रेनिंग के बाद उनसे फोन कॉल करवाए जाते थे।
इस मामले में युवतियों की भूमिका और उन्हें कथित गतिविधियों की कितनी जानकारी थी, इसकी पुष्टि जांच के आधार पर ही हो सकेगी।
तीन महीने से कॉल करने का दावा, कई राज्यों तक संपर्क
पुलिस के मुताबिक, आरोपी पिछले करीब तीन महीनों से यह गतिविधि चला रहा था। आरोप है कि वह रोजाना 20 से 50 कॉल करता था और देश के अलग-अलग राज्यों में शादी के इच्छुक लोगों से संपर्क करता था।
पुलिस ने यह भी बताया कि समन्वय पोर्टल पर आरोपी के बैंक खातों के संबंध में पहले से शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है। हालांकि, कुल कितने लोग इस कथित ठगी से प्रभावित हुए और कितनी रकम की ठगी हुई, इसका अंतिम आंकड़ा उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।
₹2.83 लाख से अधिक की संपत्ति जब्त
सुपेला पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कुल 2,83,600 रुपये की संपत्ति जब्त किए जाने की जानकारी दी है। जब्ती में शामिल सामग्री का विवरण इस प्रकार है:
– नकदी: 1,64,000 रुपये।
– मोबाइल फोन: 22 कीपैड मोबाइल और 4 एंड्रॉयड फोन, जिनमें मोटोरोला, वनप्लस और आईफोन शामिल हैं। इनकी कुल कीमत लगभग 78,000 रुपये बताई गई है।
– सिम कार्ड: एयरटेल और वीआई के 16 सिम कार्ड, जिनकी कीमत लगभग 1,600 रुपये बताई गई है।
– कंप्यूटर और वाई-फाई उपकरण: लगभग 40,000 रुपये मूल्य के उपकरण।
– अन्य सामग्री: बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, फेडरल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और IDBI बैंक से संबंधित चेकबुक, पासबुक, QR कोड, रजिस्टर और फ्लेक्स सामग्री।
पुलिस इन उपकरणों और दस्तावेजों की जांच के जरिए कथित लेनदेन तथा अन्य संभावित संपर्कों की जानकारी जुटा सकती है।
BNS की धाराओं में मामला दर्ज, आरोपी न्यायिक रिमांड पर
पुलिस के अनुसार, थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1630/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) और 319(2) में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी परमानंद यादव को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
आरोपी मूल रूप से ओटेबंद, थाना नंदनी, अहिवारा क्षेत्र का निवासी बताया गया है। उसका वर्तमान पता नेहरू नगर ईस्ट, दुर्ग बताया गया है।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी एस.एन. सिंह, उप निरीक्षक खेलन साहू, नमिता टेकाम, मिथलेश साहू और संतोष निर्मलकर की भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की लोगों से अपील
दुर्ग पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर मैरिज ब्यूरो और मैट्रिमोनी सेवाओं के विज्ञापनों पर बिना जांच भरोसा नहीं करने की अपील की है। पुलिस ने खास तौर पर AI से बनाई गई तस्वीरों के आधार पर किसी व्यक्ति की पहचान या वैवाहिक जानकारी को सही नहीं मानने और किसी भी अनजान व्यक्ति को अग्रिम फीस देने से बचने की सलाह दी है।
पुलिस के मुताबिक, ऑनलाइन संपर्क के दौरान आधार संबंधी जानकारी, OTP, बैंक विवरण या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है, तो वह तुरंत 1930 पर कॉल कर सकता है या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकता है।
ऑनलाइन मैट्रिमोनी सेवाओं का इस्तेमाल करते समय व्यक्ति की पहचान, परिवार और वैवाहिक स्थिति की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना जरूरी है। केवल आकर्षक तस्वीरों या सोशल मीडिया विज्ञापनों के आधार पर पैसे भेजने से बचें।
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