
CGPSC भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच अब आर्थिक पहलुओं तक पहुंच गई है। ED ने पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी को गिरफ्तार कर विशेष अदालत में पेश करने की तैयारी की है।
रायपुर।
छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित भर्ती विवादों में शामिल CGPSC घोटाले में जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। CBI के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया है।
सूत्रों के मुताबिक ED उन्हें विशेष अदालत में पेश करेगी और पूछताछ के लिए रिमांड की मांग कर सकती है। माना जा रहा है कि एजेंसी अब कथित आर्थिक लेन-देन, संपत्तियों और इस पूरे मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहराई से जांच करेगी।
🔴 जांच का दायरा क्यों बढ़ा?
अब तक यह मामला भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों तक सीमित माना जा रहा था, लेकिन ED की एंट्री के बाद जांच का फोकस कथित वित्तीय लेन-देन पर भी आ गया है।
एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि यदि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं, तो क्या उससे जुड़े किसी व्यक्ति को आर्थिक लाभ पहुंचाया गया था या नहीं।
📂 CBI पहले ही कर चुकी है कार्रवाई
इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) पहले ही टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार कर चुकी है। उनके साथ बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को भी गिरफ्तार किया गया था।
CBI का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान कथित रूप से प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों का उल्लंघन किया गया। इन आरोपों की जांच अभी भी जारी है और अदालत में मामला विचाराधीन है।
📌 क्या है पूरा CGPSC भर्ती विवाद?
विवाद वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित CGPSC की भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा है।
इन्हीं परीक्षाओं के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, नायब तहसीलदार समेत कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर नियुक्तियां की गई थीं।
परिणाम आने के बाद आरोप लगे कि चयन सूची में तत्कालीन अधिकारियों और कुछ प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को कथित रूप से अनुचित लाभ मिला। इसके बाद अभ्यर्थियों और विभिन्न संगठनों ने जांच की मांग उठाई।
📊 युवाओं से जुड़ा मामला
CBI के रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2021 की भर्ती प्रक्रिया में—
1,29,206 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा दी।
2,548 उम्मीदवार मुख्य परीक्षा के लिए चयनित हुए।
509 उम्मीदवार इंटरव्यू तक पहुंचे।
170 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन हुआ।
इसी चयन प्रक्रिया को लेकर सबसे अधिक सवाल उठे और बाद में मामला जांच एजेंसियों तक पहुंचा।
⚖️ अब आगे क्या?
ED की ओर से विशेष अदालत में रिमांड की मांग किए जाने की संभावना है। यदि अदालत रिमांड मंजूर करती है, तो एजेंसी टामन सोनवानी से विस्तृत पूछताछ कर सकती है।
जांच के दौरान यदि नए तथ्य सामने आते हैं, तो अन्य लोगों से पूछताछ या आगे की कार्रवाई भी संभव है। हालांकि, मामले में लगे आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और न्यायालय के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।
📊 CG Dastak Analysis
CGPSC भर्ती विवाद लंबे समय से प्रदेश की राजनीति और युवाओं के बीच चर्चा का विषय रहा है। ED की कार्रवाई यह संकेत देती है कि जांच अब केवल चयन प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि कथित आर्थिक पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। यदि जांच में नए साक्ष्य मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आ सकते हैं। यह विश्लेषण उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है; अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होंगे।
⚡ 5 बड़ी बातें
✅ ED ने पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया।
✅ विशेष अदालत में पेश कर रिमांड की मांग की जा सकती है।
✅ CBI पहले ही टामन सोनवानी और श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार कर चुकी है।
✅ मामला 2020–22 की CGPSC भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है।
✅ जांच जारी है, अंतिम फैसला न्यायालय और जांच एजेंसियों की प्रक्रिया के बाद होगा।










