बिलासपुर में गर्भवती महिला का आरोप: गाड़ी में बैठे होने के बावजूद वाहन को किया टो

0

झटके से पेट में दर्द और बच्चे की हलचल हुई कम

बिलासपुर। CG DASTAK

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में वाहन जब्ती को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। एक गर्भवती महिला ने आरोप लगाया है कि फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने उस समय उनकी गाड़ी को टो कर दिया, जब वह स्वयं वाहन के अंदर बैठी हुई थीं। महिला का कहना है कि टोइंग के दौरान लगे झटकों से उनके पेट में दर्द शुरू हो गया और बाद में उन्हें बच्चे की हलचल भी कम महसूस हुई।

महिला द्वारा सिविल लाइन थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, घटना उस समय हुई जब वह अपने पति के साथ अस्पताल जाने की तैयारी में थीं। इसी दौरान कुछ लोग वाहन के पास पहुंचे और कथित तौर पर बकाया किस्त का हवाला देते हुए वाहन को अपने कब्जे में लेने का प्रयास करने लगे।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि महिला द्वारा अपनी स्थिति बताने के बावजूद वाहन को टो किया गया। महिला का कहना है कि अचानक लगे झटकों से उनकी तबीयत बिगड़ गई। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना के बाद उन्हें पेट में दर्द महसूस हुआ तथा बच्चे की गतिविधि पहले की तुलना में कम लगने लगी।

घटना के बाद परिवार ने पुलिस से शिकायत कर मामले की जांच और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले से जुड़े कुछ वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें वाहन को लेकर विवाद की स्थिति दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो में सभी आरोप स्पष्ट रूप से प्रमाणित नहीं हो रहे हैं।

फिलहाल पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अभी तक फाइनेंस कंपनी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

यदि जांच में महिला द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला और गंभीर हो सकता है, क्योंकि इसमें गर्भवती महिला की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा पहलू भी सामने आया है। वहीं दूसरी ओर, यदि वाहन की किस्त बकाया थी, तो भी वाहन जब्ती की प्रक्रिया कानून और निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत ही की जानी चाहिए।

CG Dastak इस मामले में दोनों पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद अपडेट जारी करेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here