AI पर ट्रिलियन डॉलर का दांव, लेकिन मंडरा रहा बड़ा खतरा! जेफ़रीज ने शेयर बाजार को लेकर दी चेतावनी

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नई दिल्ली। CG DASTAK 

क्रिस वुड बोले- अगर AI निवेश से उम्मीद के मुताबिक कमाई नहीं हुई तो टेक शेयरों में बड़ा करेक्शन संभव, चीन की चुनौती भी बढ़ीआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां रिकॉर्ड निवेश कर रही हैं, लेकिन अब इस निवेश के रिटर्न को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वैश्विक ब्रोकरेज जेफ़रीज के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रैटेजी क्रिस वुड ने चेतावनी दी है कि यदि AI पर हो रहा भारी पूंजी निवेश उम्मीद के मुताबिक कमाई नहीं करा पाया, तो आने वाले समय में वैश्विक शेयर बाजार, खासकर टेक सेक्टर में बड़ा करेक्शन देखने को मिल सकता है।

2027 तक 1.57 ट्रिलियन डॉलर निवेश का अनुमान

क्रिस वुड के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट (गूगल), अमेजन और मेटा वर्ष 2026 और 2027 के दौरान संयुक्त रूप से करीब 1.57 ट्रिलियन डॉलर का पूंजीगत खर्च (Capex) कर सकती हैं। यह निवेश डेटा सेंटर, AI चिप्स, क्लाउड नेटवर्क और एडवांस कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जाएगा।

चीन बना नई चुनौती

रिपोर्ट के मुताबिक, AI की दौड़ में अब चीन तेजी से अमेरिका को चुनौती दे रहा है। चीनी कंपनियां कम लागत वाले और ओपन-सोर्स AI मॉडल विकसित कर रही हैं। यदि दुनिया भर की कंपनियां महंगे अमेरिकी AI प्लेटफॉर्म की जगह सस्ते चीनी मॉडल अपनाने लगती हैं, तो अमेरिकी टेक कंपनियों के भारी निवेश पर मिलने वाला रिटर्न प्रभावित हो सकता है।

कमाई नहीं बढ़ी तो बढ़ेगा जोखिम

विशेषज्ञों का कहना है कि AI कारोबार में डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, बिजली और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च करना पड़ता है। यदि कंपनियों की आय और मुनाफा इस खर्च के अनुरूप नहीं बढ़ता, तो इसे पूंजी की बर्बादी (Capital Destruction) माना जाएगा। ऐसी स्थिति में निवेशकों का भरोसा कमजोर हो सकता है और टेक शेयरों में तेज गिरावट आ सकती है।

क्या दोहराएगा डॉट-कॉम बबल का इतिहास?

बाजार के कई जानकार मौजूदा AI निवेश की तुलना वर्ष 2000 के डॉट-कॉम बबल से कर रहे हैं। हालांकि, क्रिस वुड का मानना है कि AI कोई अस्थायी ट्रेंड नहीं है और इसका उपयोग भविष्य में लगातार बढ़ेगा। उनकी चिंता तकनीक को लेकर नहीं, बल्कि इस बात को लेकर है कि बाजार भविष्य की कमाई को लेकर जरूरत से ज्यादा आशावादी हो सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल AI से जुड़ी कंपनी होने के आधार पर निवेश नहीं करना चाहिए। निवेश से पहले यह देखना जरूरी है कि कंपनी AI पर कितना खर्च कर रही है, उससे उसकी आय और मुनाफे में कितना इजाफा हो रहा है, कैश फ्लो कितना मजबूत है और उसका बिजनेस मॉडल लंबे समय तक टिकाऊ है या नहीं।

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