
राजनांदगांव। CG DASTAK
युवाओं को बैंक में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को तुमड़ीबोड़ पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ठगी की रकम से एक कार भी खरीदी थी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जिला जेल भेज दिया गया।
ग्रामीण बैंक और SBI में नौकरी का दिया झांसा
पुलिस के अनुसार, ग्राम दीवानभेड़ी की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि राहुल देशलहरे और भागवत निषाद ने उसकी बेटी को छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक तुमड़ीबोड़ में सहायक प्रबंधक तथा बेटे को छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक दीवानभेड़ी में क्लर्क की नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके एवज में दोनों ने नकद और ऑनलाइन माध्यम से 1.15 लाख रुपये लेकर न तो नौकरी दिलाई और न ही रकम लौटाई।
इसी तरह डुमरडीह निवासी एक अन्य व्यक्ति ने शिकायत की कि आरोपियों ने उसके बेटे को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) रावनवाड़ी, डोंगरगढ़ में सहायक प्रबंधक की नौकरी दिलाने का झूठा भरोसा देकर 99 हजार रुपये की ठगी की।
ठगी की रकम से खरीदी कार जब्त
जांच के दौरान पुलिस को इकरारनामा, बैंक स्टेटमेंट और गवाहों के बयान के आधार पर धोखाधड़ी के पर्याप्त साक्ष्य मिले। नोटिस के बावजूद जांच में सहयोग नहीं करने पर दोनों आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने राहुल देशलहरे को राजनांदगांव और भागवत निषाद को डोंगरगढ़ क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने राहुल देशलहरे के कब्जे से ठगी की रकम से खरीदी गई टाटा इंडिका कार भी जब्त कर ली है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जिला जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी:
राहुल देशलहरे (38), निवासी मचानपार, राजनांदगांव
भागवत निषाद (57), निवासी अर्जुनी, राजनांदगांव








