
धरसींवा। CG DASTAK
रायपुर जिले के धरसींवा क्षेत्र स्थित पठारीडीह गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। खारुन नदी में फैली जलकुंभी के बीच फंसने से 20 से अधिक मवेशियों की मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने नदी पर बने पुल पर चक्काजाम कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिससे रायपुर, दुर्ग और बेमेतरा मार्ग पर लंबा जाम लग गया।

जलकुंभी को घास समझकर नदी में उतर गए मवेशी
ग्रामीणों के अनुसार, खारुन नदी इन दिनों जलकुंभी से पूरी तरह ढकी हुई है। मंगलवार को चरते हुए मवेशी जलकुंभी को घास का मैदान समझकर नदी में उतर गए। लेकिन घनी जलकुंभी के जाल में फंसने के कारण वे बाहर नहीं निकल सके और एक-एक कर उनकी मौत हो गई।
ग्रामीणों ने पुल पर किया चक्काजाम

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए लोगों ने पठारीडीह पुल पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के चलते रायपुर, दुर्ग और बेमेतरा को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात काफी देर तक बाधित रहा।
लंबे समय से उठ रही थी सफाई की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि खारुन नदी में बढ़ते प्रदूषण और जलकुंभी की समस्या को लेकर लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं। पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने कई बार नदी की सफाई और जलकुंभी हटाने की मांग की, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने समय रहते कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।
बताया जा रहा है कि हाल ही में महादेव घाट से सोमनाथ तक ‘पानी बचाओ, वाणी बचाओ’ पदयात्रा निकालकर भी नदी की बदहाल स्थिति की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया था।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने मृत मवेशियों के लिए उचित मुआवजा, खारुन नदी से जलकुंभी हटाने और नियमित सफाई अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते नदी की सफाई की गई होती तो इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था।










