
रायपुर/एथेंस | CG Dastak विशेष रिपोर्ट | 8 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजूर ने एक बार फिर देश को गौरवान्वित किया है। शनिवार की शाम, ग्रीस में आयोजित ड्रोमिया इंटरनेशनल स्प्रिंट एंड रिले मीटिंग में अनिमेष ने 100 मीटर दौड़ को महज 10.18 सेकंड में पूरा कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया।
यह पहला मौका है जब किसी भारतीय ने 100 मीटर की दौड़ को 10.1 सेकंड के भीतर पूरा किया हो। यह प्रदर्शन सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स में आ रहे एक गुप्त लेकिन तेज़ बदलाव का प्रतीक है।
🏃♂️ एक दौड़, कई रिकॉर्ड, और भारत का सबसे तेज़ इंसान
हालांकि दुनिया में यह समय अभी भी वर्ल्ड रिकॉर्ड (उसेन बोल्ट – 9.58 सेकंड) से दूर है, लेकिन भारत जैसे देश में जहां ट्रैक स्पोर्ट्स कभी ज्यादा चर्चा में नहीं रहे, वहां यह प्रदर्शन एक क्रांतिकारी छलांग है।
अनिमेष ने यह रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन ऐसे समय में दिया है जब भारत के चार युवा स्प्रिंटर्स — गुरिंदरवीर सिंह, मणिकंता होबलीधर, अमलान बोर्गोहेन और खुद अनिमेष — मिलकर भारतीय स्प्रिंटिंग को नई ऊंचाई दे रहे हैं। ये चारों Reliance Foundation के अंतर्गत प्रशिक्षण ले रहे हैं और अब 4×100 मीटर रिले का भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड इन्हीं के नाम है।
✨ अनिमेष: जो देखे, वो देखता रह जाए
छत्तीसगढ़ से आने वाले 22 वर्षीय अनिमेष की 6 फीट 2 इंच की ऊंचाई, मजबूत कद-काठी और उसकी दौड़ने की “ग्लाइडिंग” स्टाइल उसे भीड़ से अलग बनाती है। मैदान पर उसकी चाल में एक स्वाभाविक आत्मविश्वास दिखता है, जो उसे और भी प्रभावशाली बना देता है।
🧠 कोचिंग का कमाल: कैसे बना एक फुटबॉलर से भारत का नंबर 1 स्प्रिंटर
सिर्फ 6 साल पहले तक अनिमेष एक फुटबॉलर थे। लेकिन जब उन्होंने दौड़ना शुरू किया, तब उन्हें असली टैलेंट का अहसास हुआ। ओडिशा स्थित रिलायंस फाउंडेशन हाई परफॉर्मेंस सेंटर में कोच मार्टिन ओवेन्स के साथ जुड़ने के बाद अनिमेष का खेल पूरी तरह बदल गया।
कोच ओवेन्स ने उनके स्टार्ट और बेंड रनिंग जैसी तकनीकी कमजोरियों पर काम किया। पहले वो 100 मीटर में पीछे रह जाते थे क्योंकि उनकी स्पीड देर से पकड़ में आती थी, लेकिन अब वह तेज शुरुआत से लेकर तेज फिनिश तक, हर जगह बेजोड़ हैं।
🥉 एशियन चैंपियनशिप में पदक जीतकर दिखाई चमक
कुछ महीने पहले, अनिमेष ने 200 मीटर दौड़ में 20.40 सेकंड का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था, जो बाद में और बेहतर होकर 20.32 सेकंड पर आ गया। एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल भी जीता — यह उनके करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय पदक था।
🗣️ “हमें और तेज़ दौड़ने वाले चाहिए…”
कोच ओवेन्स का मानना है कि स्प्रिंटर्स को बेहतर बनाने के लिए उन्हें ऐसे धावकों के साथ मुकाबला कराना चाहिए जो उनसे तेज़ हों। यह रणनीति अनिमेष पर बिल्कुल सटीक बैठती है। यूरोप में प्रतिस्पर्धा करने के बाद, वे पहले हारते थे, लेकिन हर बार और बेहतर होकर लौटते थे।
💬 “20 सेकंड के अंदर 200 मीटर दौड़ना चाहता हूं…”
अनिमेष का सपना सिर्फ भारत के लिए दौड़ना नहीं, बल्कि रिकॉर्ड को नया मुकाम देना है। कोच्चि में 200 मीटर में 20.40s दौड़ने के बाद उन्होंने कहा था – “मैं पहला भारतीय बनना चाहता हूं जो 200 मीटर को 20 सेकंड के अंदर दौड़े।”
जब उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज जीता था, तो कहा था – “काश मेरे लिए भारत का राष्ट्रगान बजता।”
🚀 यह तो बस शुरुआत है…
अनिमेष कुजूर अभी रुके नहीं हैं, और उनका अगला लक्ष्य साफ है – ओलंपिक क्वालिफिकेशन, सब-10 सेकंड क्लब, और भारत के लिए गोल्ड मेडल।
उनकी दौड़ सिर्फ समय के खिलाफ नहीं है, बल्कि भारतीय ट्रैक एंड फील्ड के भविष्य को नई दिशा देने की है।










