
गोबरा नवापारा/रायपुर। CG DASTAK
रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिंह ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए गोबरा नवापारा थाना प्रभारी दीपेश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार नशे के खिलाफ प्रभावी अंकुश लगाने में विफल रहने और संदिग्ध आचरण के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।

निलंबन के बाद नगर में चर्चा तेज
थाना प्रभारी के निलंबन के बाद गोबरा नवापारा में अवैध गतिविधियों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री का मामला किसी एक स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि कई ढाबों, डेली नीड्स दुकानों, ठेलों और विभिन्न वार्डों में लंबे समय से शराब, सट्टा और गांजा कारोबार की शिकायतें सामने आती रही हैं।

कार्रवाई होती है, लेकिन नहीं रुकता कारोबार
नगरवासियों का आरोप है कि समय-समय पर पुलिस कार्रवाई जरूर करती है, लेकिन अवैध कारोबार पर स्थायी रोक नहीं लग पाती। लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि कुछ प्रभावशाली लोगों और कथित राजनीतिक संरक्षण के कारण कई अवैध धंधे बेखौफ संचालित होते रहते हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पूरे नेटवर्क की जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि केवल एक अधिकारी के निलंबन से समस्या का समाधान नहीं होगा। जरूरत पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच और लगातार सख्त कार्रवाई की है। लोगों का मानना है कि यदि नगर में इतने बड़े स्तर पर अवैध कारोबार संचालित हो रहे थे, तो इनके खिलाफ जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों की ओर से भी अपेक्षित विरोध क्यों नहीं दिखा।
जनता का सवाल: संरक्षक कौन?
गोबरा नवापारा में हुई इस कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अवैध शराब, सट्टा और नशे के कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क पर कब कार्रवाई होगी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। नगरवासियों की नजर अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।










