CG DEO News: ट्रांसफर न्यूजः छत्तीसगढ़ के 33 में से आधा से अधिक डीईओ बदलने जा रहे, खराब रिजल्ट की गिरेगी गाज, जानिये लिस्ट क्यों अटकी थी और किन जिलों के बदल रहे जिला शिक्षा अधिकारी?

0
211

रायपुर | स्कूल शिक्षा में जिला शिक्षा अधिकारी स्तर पर अब तक की सबसे बड़ी ट्रांसफर लिस्ट निकलने वाली है। बताते हैं, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से होते हुए नोटशीट मुख्य सचिव के अनुमोदन के बाद समन्वय में पहुंच गई है। खबर है, 33 जिला शिक्षा अधिकारियों में से करीब 16-17 जिलों में अफसर बदल जाएंगे।

हालांकि, इस महीने 10 मई से पहले लिस्ट निकलनी थी। मगर उस समय चार-पांच जिलों के डीईओ के ही प्रपोजल थे। अब इसकी संख्या बढ़ा दी गई है। जाहिर है, सरकार ने तय किया है कि जिन स्कूलों में रिजल्ट काफी कमजोर रहा है, वहां के डीईओ को इसकी जिम्मेदार मानते हुए वहां से हटाया जाए। मनेंद्रगढ़ में पिछले साल की तुलना में 20 परसेंट रिजल्ट कम हुआ है। इसलिए मनं द्रगढ के डीईओ का नाम सबसे उपर है।

*इन जिलों के डीईओ के बदलने की चर्चा*

बलौदाबाजार, खैरागढ़, जशपुर में पहले से डीईओ के पद खाली पड़े हैं। बीजापुर में दो डीईओ हो गए हैं। उन दोनों को हटाकर अब वहां तीसरे को भेजा जा रहा है। रायपुर के डीईओ को डीपीआई में पोस्ट किया जा रहा। जिन जिलों के डीईओ बदलने वाले हैं, उनमें रायपुर, बिलासपुर, महासमंद, धमतरी, गरियाबंद, बालोद, खैरागढ़, बेमेतरा, बीजापुर, नारायणपुर, बिलासपुर, मुंगेली, रायगढ़, सक्ती, मनेंद्रगढ़, कोरिया जिला शामिल हो सकता है। इसी तरह दुर्ग में जेडी के पद खाली हैं। वहां किसी को प्रभारी जेडी अपाइंट किया जाएगा। इसके साथ डीपीआई में लेक्चरर और प्राचार्यों की जगह इस पर सीधी भर्ती वाले चार-पांच बीईओ को पोस्ट करने की चर्चा है।

जाहिर है, बलौदाबाजार, जशपुर, खैरागढ़ में वर्तमान में डीईओ का पद रिक्त है। इनमें से दो डीईओ रिटायर हो गए हैं। रिटायरमेंट के बाद राज्य सरकार ने रायपुर व अन्य जिले के डीईओ को कार्यभार सौंपा है। इसी तरह हाल ही में एक जेडी भी रिटायर हो गए हैं। रिटायरमेंट के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने यहां भी प्रभारी डीईओ की नियुक्ति कर दी है। फिलहाल दूसरे जिले व शिक्षा संभाग में पदस्थ डीईओ और जेडी, बतौर प्रभारी कामकाज संभाल रहे हैं। राज्य सरकार की कोशिश है, इन जिलों में सबसे पहले डीईओ की पोस्टिंग की जाए। इसके लिए आजकल में कभी भी पोस्टिंग ऑर्डर जारी हो सकता है। स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी चुनाव ड्यूटी से लौट आए हैं।

जशपुर जिले में डीईओ प्रमोद भटनागर के रिटायरमेंट के बाद 3 महीने से जिला शिक्षा अधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है और एक व्याख्याता के पास समग्र शिक्षा के जिला परियोजना अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी का दोहरा प्रभार है।

नियमों पर नजर डालें, तो एक व्याख्याता, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी के समतुल्य होता है और उसके ऊपर विकासखंड शिक्षा अधिकारी और फिर जिला शिक्षा अधिकारी का नंबर आता है। जशपुर जिले में एक व्याख्याता के ऊपर, विभाग इतना अधिक मेहरबान है, बीते कई महीनों से वह दो कार्यालयों का प्रभार संभाल रहे हैं। यही नहीं खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के जिला शिक्षा अधिकारी लालजी द्विवेदी मार्च माह में रिटायर हो चुके हैं और वहां पर भी जिला शिक्षा अधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है। इसी प्रकार अप्रैल माह में बलौदाबाजार भाटापारा के जिला शिक्षाअधिकारी संजय गुहे और दुर्ग संभाग के संयुक्त संचालक आर एल ठाकुर भी रिटायर हो चुके हैं और उनके जगह भी विभाग ने अधिकारियों की नियुक्ति नहीं की है।

इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ है की स्कूल शिक्षा विभाग में बड़े स्तर पर प्रभारवाद का ऐसा खेल हुआ हो और कई जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी न हो । वहीं इससे अलग बीजापुर में लगभग 8 महीनों से दो जिला शिक्षा अधिकारी एक ही पद पर बैठे हुए हैं, स्कूल शिक्षा विभाग ने एलएल धनेलिया को हटाकर राजकुमार कठोते की नियुक्ति की थी, लेकिन लखन लाल धनेलिया भी न्यायालय से स्टे लेकर आ गए और अब बीजापुर में दो जिला शिक्षा अधिकारी हैं। अचरज की बात ये, 8 महीने में विभाग इस मसले को भी नहीं सुलझा पाया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here