राष्ट्रीय राजनीति में फिर बढ़ी महासमुंद की धमक भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं सांसद रुपकुमारी चौधरी

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महासमुंद। महासमुंद लोकसभा क्षेत्र से सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी को आज भाजपा महिला मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की घोषणा के साथ ही दशकों बाद महासमुंद का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में चमक उठा है। 20 वीं सदी में 70 से 2000 तक के दशकों में शुक्ल बंधु, पूर्व केंद्रीय मंत्रीद्वय पुरुषोत्तम लाल कौशिक, बृजलाल वर्मा का नाम केंद्रीय सत्ता के गलियारों में लिया जाता था।

भविष्य में महिला आरक्षण की नई व्यवस्था और 2029 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उनकी इस नियुक्ति को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस नियुक्ति के साथ ही पार्टी में उनका कद प्रदेश में बढ़ा है। और महासमुंद जिले से लेकर महासमुंद लोकसभा क्षेत्र और प्रदेश स्तर पर भी पार्टी के भीतर राजनीतिक समीकरण प्रभावित होंगे। महासमुंद जिला मुख्यालय से कोई 100 किमी दूर सरायपाली ब्लॉक के एक छोटे से गाँव हर्राटार से राजनीति के मैदान में उतरी श्रीमती रूपकुमारी चौधरी 2005 में जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र क्रमांक-13 (सरायपाली विधानसभा क्षेत्र) से जिला पंचायत सदस्य चुनकर आई थीं। तब शायद ही किसी ने सोचा रहा होगा कि 20 साल बाद यह नेत्री विश्व के सबसे बड़े राजनीतिक संगठन भाजपा के महिला मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर जा पहुँचेंगी। लेकिन, पार्टी के प्रति वफादारी और एक बार टिकट कटने के बाद भी जिलाध्यक्ष के रूप में पार्टी संगठन के लिए दिन-रात जूझती रही श्रीमती चौधरी की नेतृत्व क्षमता पार्टी में किसी से छिपी नहीं रही। फलस्वरूप 2024 के चुनाव में उन्हें ईनाम भी मिला। महज 2 साल के संसदीय कार्यकाल में उनकी मुखरता और प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पार्टी के कार्यक्रमों, प्रदर्शनों में उनकी सक्रियता को देखकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उन्हें आज अपनी टीम में शामिल कर उनके कंधों पर महिला मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी डाल दी।

श्रीमती चौधरी 2006 में पार्टी की जिला कार्यकारिणी सदस्य, 2007 में केजुआ सोसायटी की सदस्य, 2009 में राज्य सहकारी संघ रायपुर के लिए जिले की प्रतिनिधि चुनकर गईं। 2010 में फिर जिला पंचायत सदस्य चुनकर आईं। लेकिन, इस बार क्षेत्र क्रमांक-12 (बसना विधानसभा क्षेत्र) से चुनकर आईं। इसी तरह 2011 में भाजपा जिला महिला मोर्चा की महामंत्री बनी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। और 2013 में पार्टी ने उन्हें बसना विधानसभा क्षेत्र से टिकट दी। पार्टी के भरोसे पर खरा उतरते हुए उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी राजपरिवार के सदस्य देवेंद्र बहादुर सिंह को बड़े अंतर से पराजित किया। 2014 में भाजपा की प्रदेश मंत्री बनी और 2015 में डॉ. रमन सिंह सरकार में संसदीय सचिव (महिला एवं बाल विकास मंत्रालय) का दायित्व भी सम्हाला। लेकिन, किन्हीं कारणों से 2018 में उनकी टिकट काट दी गई। इसके बावजूद संगठन में उनकी सक्रियता बनी रही। और साल भर के भीतर 2019 में पार्टी का जिलाध्यक्ष बनाकर पार्टी ने उन्हें फिर नई जिम्मेदारी सौंपी। 2024 में महासमुंद संसदीय क्षेत्र से टिकट देकर पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा किया। इस बार भी श्रीमती चौधरी शीर्ष नेताओं के भरोसे पर खरा उतरीं और बड़े अंतर से जीत दर्ज कर संसद पहुँची। वर्तमान में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी सम्हाल रही हैं। भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाये जाने की खबर आते ही जिले भर में भाजपा जनों ने पटाखे चलाकर खुशियां मनाईं।

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