धमतरी में BJP झंडे को लेकर विवाद, सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर के खिलाफ FIR; BJP प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने की शिकायत

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रायपुर/धमतरी। CG DASTAK 

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्वतंत्रता दिवस के दौरान BJP के झंडे को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। मामले में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, सोशल मीडिया पर एक वीडियो और कुछ तस्वीरें साझा की गई थीं, जिनके साथ दावा किया गया कि धमतरी जिले के कुरूद क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज की जगह BJP का झंडा फहराया गया। हालांकि, शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि सोशल मीडिया पर साझा की गई सामग्री पुरानी थी और उसे स्वतंत्रता दिवस के संदर्भ में पेश किया गया।

सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, 15 अगस्त को सोशल मीडिया पर एक वीडियो और कुछ तस्वीरें शेयर की गईं। इन पोस्ट में धमतरी जिले के कुरूद में BJP के झंडे को लेकर सवाल उठाए गए।

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी कथित तौर पर इस पोस्ट को शेयर करते हुए तिरंगे के अपमान को लेकर सवाल उठाया। वहीं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर की ओर से भी इस मामले से संबंधित पोस्ट किए जाने की बात सामने आई।

इन पोस्ट के सामने आने के बाद BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से आपत्ति जताई गई। BJP प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने इस मामले में पुलिस से शिकायत की।

17 अगस्त को पुलिस में दी गई शिकायत

शिकायतकर्ता उज्ज्वल दीपक ने 17 अगस्त को साइबर क्राइम और सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो और तस्वीरों को नए संदर्भ में प्रस्तुत किया गया।

शिकायत के मुताबिक, जिस वीडियो और तस्वीरों को स्वतंत्रता दिवस से जोड़कर शेयर किया गया, वे कथित तौर पर 22 मार्च 2026 को आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान से संबंधित थीं।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुराने वीडियो और तस्वीरों को नए संदर्भ में पेश कर BJP और उसके जनप्रतिनिधियों की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।

हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

पुलिस ने शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(4), 353(2) और 196 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसर पर भ्रामक या गलत संदर्भ वाली सामग्री प्रसारित होने से लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है और सामाजिक एवं राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका हो सकती है।

पुलिस अब सोशल मीडिया पर शेयर किए गए पोस्ट, वीडियो, तस्वीरों, कमेंट्स और उनसे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

BJP नेता ने पुलिस से की डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग

शिकायतकर्ता BJP नेता उज्ज्वल दीपक ने पुलिस से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो, तस्वीरें, कमेंट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है।

शिकायत में कथित पोस्ट के मूल स्रोत का पता लगाने और यह जांच करने की मांग की गई है कि वीडियो और तस्वीरें वास्तव में कब की हैं तथा उन्हें किस संदर्भ में बनाया गया था।

मामले की जांच के दौरान पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट के मूल स्रोत, पोस्ट किए जाने की तारीख, वीडियो की वास्तविक रिकॉर्डिंग और उसके साथ लिखे गए दावों की भी पड़ताल कर सकती है।

सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर के पोस्ट पर सवाल

इस पूरे मामले में विवाद का मुख्य केंद्र सोशल मीडिया पर शेयर की गई वह सामग्री है, जिसमें धमतरी के कुरूद में BJP के झंडे को लेकर सवाल उठाया गया था।

शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट में जिस वीडियो और तस्वीरों को स्वतंत्रता दिवस से जोड़कर प्रस्तुत किया गया, वे पुराने कार्यक्रम से संबंधित हैं। वहीं पोस्ट करने वालों की ओर से क्या स्पष्टीकरण दिया गया है और सामग्री शेयर करने के पीछे उनका क्या पक्ष है, यह पुलिस जांच के दौरान स्पष्ट होगा।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

राजनीतिक बयानबाजी के बीच पुलिस जांच अहम

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ा मामला होने के कारण यह विवाद राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील हो गया है। एक तरफ BJP नेताओं ने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर आपत्ति जताई है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस से जुड़े नेताओं और सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

अब इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि पुलिस की जांच में सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की वास्तविक तारीख और संदर्भ क्या सामने आता है।

CG Dastak इस मामले में सामने आने वाले आधिकारिक पुलिस अपडेट और संबंधित पक्षों के बयान को भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।

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