
बालोद। CG DASTAK
100 रुपये रजिस्ट्रेशन लेकर ग्रामीणों की जांच और दवाइयां देने का आरोप, स्वास्थ्य विभाग भी कर रहा जांच; कैंप के पोस्टर में विधायक अनिला भेड़िया की तस्वीर लगाए जाने पर भी सवाल
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ग्राम कोरगुड़ा में बिना वैध शासकीय अनुमति मेडिकल कैंप लगाने की तैयारी का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों को पकड़ा है। उनके कब्जे से वाहन, हेल्थ सप्लीमेंट्स, जांच उपकरण, लैपटॉप, प्रिंटर समेत करीब 7 लाख 18 हजार 597 रुपये की सामग्री जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार, मामले में वैध अनुमति और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है

100 रुपये में रजिस्ट्रेशन, फिर जांच और उत्पाद देने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, कोरगुड़ा गांव में मेडिकल कैंप लगाए जाने की सूचना ग्रामीणों को दी गई थी। कैंप में पहुंचने वाले लोगों से 100 रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क लिए जाने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों के अनुसार, कैंप में BP, शुगर, थायराइड, लिवर और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जांच की गई। इसके बाद अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं के नाम पर करीब 1 हजार से 4 हजार रुपये तक के दवाइयां और हेल्थ प्रोडक्ट दिए जाने का आरोप है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद अब यह जांच का विषय है कि कैंप में इस्तेमाल किए जा रहे उत्पाद क्या थे, उन्हें बांटने की अनुमति थी या नहीं और मरीजों की जांच करने वाले लोगों के पास आवश्यक वैध योग्यता एवं अनुमति थी या नहीं।
पुलिस ने चार लोगों को पकड़ा
बालोद पुलिस के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 को सूचना मिली थी कि ग्राम पंचायत भवन कोरगुड़ा में चार लोग वाहन क्रमांक CG 07 AQ 7352 से पहुंचकर मेडिकल कैंप लगाने की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उनसे कैंप से संबंधित शासकीय अनुमति एवं वैधानिक दस्तावेज मांगे गए।

पुलिस के मुताबिक मौके पर वैध अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद चारों को वाहन और सामग्री सहित थाने लाया गया तथा पंचनामा तैयार कर सामान जब्त किया गया।

पुलिस द्वारा पकड़े गए लोगों में राजेश कुमार कोठारी (40), टी. वेंकटेश राव (47), सुरेंद्र पटेल (29) और मोहित कुमार रक्सेल (38) शामिल हैं।
30 से ज्यादा तरह के हेल्थ प्रोडक्ट जब्त
तलाशी के दौरान पुलिस को RETROS कंपनी के 30 से अधिक प्रकार के हेल्थ सप्लीमेंट्स और उत्पाद मिले। इनमें BP, शुगर, किडनी, लिवर और आर्थो केयर से जुड़े उत्पाद बताए गए हैं।

इसके अलावा जांच के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण, वेट मशीन, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य सामग्री भी जब्त की गई। पुलिस के अनुसार, वाहन और अन्य जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब ₹7,18,597 है।
पोस्टर में विधायक अनिला भेड़िया की तस्वीर पर सवाल
मामले में एक और चर्चा का विषय मेडिकल कैंप का प्रचार पोस्टर है। पोस्टर में कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया की तस्वीर दिखाई गई थी।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार विधायक की ओर से कैंप के आयोजन को अनुमति दिए जाने या उनकी आधिकारिक भागीदारी की पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित विधायक ने मीडिया से कहा कि पंचायत से कैंप के संबंध में संपर्क या अनुमति की जानकारी रिकॉर्ड और आवेदन रजिस्टर की जांच से स्पष्ट हो सकती है।
इसलिए फिलहाल केवल पोस्टर में तस्वीर होने के आधार पर विधायक की भूमिका को आयोजन से जोड़ना उचित नहीं होगा।
स्वास्थ्य विभाग भी कर रहा जांच
मामले में स्वास्थ्य विभाग भी यह पता लगाने में जुटा है कि कैंप लगाने वालों के पास मरीजों की जांच करने और स्वास्थ्य संबंधी उत्पाद अथवा दवाइयां वितरित करने की आवश्यक अनुमति और वैध योग्यता थी या नहीं।
पुलिस ने जब्त सामग्री के आधार पर संस्था की वैधता, कैंप की अनुमति, पंचायत भवन के इस्तेमाल, दवाइयों/हेल्थ प्रोडक्ट की प्रकृति, बिल-रसीद और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की है।
बालोद SDOP विनय कुमार साहू के मुताबिक पुलिस ने वाहन, दवाइयों, हेल्थ प्रोडक्ट और अन्य सामग्री समेत करीब ₹7.18 लाख की सामग्री जब्त की है तथा वैधानिक अनुमति एवं संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।
नोट: पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप और जांच के निष्कर्ष अभी अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं हैं। संबंधित लोगों की भूमिका जांच और अदालत की प्रक्रिया के अधीन है।








