
रायपुर। राजधानी रायपुर के 4वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर, माना में आज ‘पुलिस स्मृति दिवस परेड’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल रामेश बैस, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, और पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, वहीं परेड के दौरान शहीद जवानों के नामों का वाचन कर उनके परिजनों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर पूरे परिसर का माहौल शहीदों की वीरता और बलिदान की गूंज से भरा रहा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि —
> “छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों ने नक्सलवाद जैसी चुनौती का न केवल डटकर सामना किया है, बल्कि उसे पीछे धकेलने में भी सफलता पाई है। नक्सलवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई अब नई गति और नई शक्ति से आगे बढ़ रही है। मुझे पूरा विश्वास है कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूर्ण अंत हो जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार पुलिस बल को आधुनिक उपकरण, बेहतर प्रशिक्षण और हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शहीद जवानों के परिवारों को सम्मान और सहयोग देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने भी इस अवसर पर कहा कि पुलिस स्मृति दिवस हमें यह याद दिलाता है कि शांति और सुरक्षा की कीमत हमारे जवानों के बलिदान से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल का प्रत्येक जवान राज्य की शांति का प्रहरी है, और उनके समर्पण से ही समाज सुरक्षित है।
कार्यक्रम में उपस्थित शहीद जवानों के परिजनों की आंखें नम थीं, लेकिन गर्व से भरीं। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सभी परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना और सम्मान प्रदान किया।










