
भिलाई। CG DASTAK
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद भिलाई नगर पालिक निगम ने जिला प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी में बड़ी कार्रवाई करते हुए किफायती आवास योजना के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर बने अवैध मदरसे को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था।

जानकारी के अनुसार, जिस भूमि पर मदरसा संचालित किया जा रहा था, वह मूल रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए आवास निर्माण हेतु आरक्षित थी। प्रशासन की ओर से पूर्व में कई बार नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कब्जाधारियों द्वारा जमीन खाली नहीं की गई। इसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा, जहां से कार्रवाई के निर्देश मिलने के बाद निगम ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी की।
कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए घटनास्थल के आसपास एक किलोमीटर के दायरे में आम लोगों और वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
निगम प्रशासन के अनुसार, खाली कराई गई जमीन पर जल्द ही प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा राज्य सरकार की पुनर्वास योजना के तहत गरीब परिवारों के लिए बहुमंजिला आवासों का निर्माण किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा, चाहे वह धार्मिक हो या व्यावसायिक, बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पहले भी चल चुका है बुलडोजर
भिलाई नगर निगम इससे पहले भी शहर के विभिन्न हिस्सों में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। सुपेला गदा चौक, वैशाली नगर, नेहरू नगर और भिलाई-3 क्षेत्र में सरकारी जमीन, ग्रीन बेल्ट और तालाबों के किनारे किए गए अवैध निर्माणों को हटाकर करोड़ों रुपये की भूमि को मुक्त कराया जा चुका है।
प्रशासन का कहना है कि शहर में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।









