
जिले में अक्रियाशील फसल अवधि के दौरान अनियमित रूप से अधिक मात्रा में यूरिया उर्वरक वितरण के मामले में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से कृषि विभाग में हड़कंप मच गया है। जारी आदेश के अनुसार, कार्यालय उप संचालक कृषि महासमुंद के अधीन कार्यरत वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सरायपाली सुंदरलाल मिर्धा पर मेसर्स राजेश अग्रवाल सरायपाली एवं मेसर्स ओम फर्टिलाइजर सरायपाली द्वारा अक्रियाशील फसल अवधि में अनियमित रूप से अधिक मात्रा में यूरिया उर्वरक वितरण किए जाने के बावजूद संबंधित फर्मों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं करने तथा विभागीय निर्देशों की अवहेलना करने का आरोप है। इसी कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय अनुविभागीय कृषि अधिकारी महासमुंद निर्धारित किया गया है।
वहीं प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बागबाहरा गंगा प्रसाद शरणागत पर मेसर्स आर.एस. ट्रेडर्स बागबाहरा एवं जय मां भीमेश्वरी ट्रेडर्स सुनसुनिया द्वारा अधिक मात्रा में यूरिया वितरण के मामले में कार्रवाई नहीं करने तथा विभागीय निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप पाया गया। इसके चलते उन्हें भी छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 की कंडिका-3 (क), (ख) एवं (ग) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय अनुविभागीय कृषि अधिकारी सरायपाली कार्यालय नियत किया गया है। दोनों अधिकारियों को निलंबन अवधि के दौरान नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। कलेक्टर विनय लंगेह ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि किसानों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।










