
रायपुर। CG DASTAK
छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। रायपुर समेत कई जिलों में घंटों बिजली कटौती, फॉल्ट सुधार में देरी और 1912 हेल्पलाइन पर समय पर सहायता नहीं मिलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। वहीं, राजधानी में भुगतान नहीं मिलने के कारण आईटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) का संचालन भी प्रभावित हो गया है, जिससे कई प्रमुख चौराहों के ट्रैफिक सिग्नल और सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं।
कई जिलों में बिजली आपूर्ति प्रभावित
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़, सरगुजा और बस्तर संभाग के कई क्षेत्रों में लंबे समय तक बिजली गुल रहने की शिकायत मिली है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि फॉल्ट ठीक होने से पहले ही सुधार कार्य पूरा होने का मैसेज भेज दिया जाता है, जबकि बिजली बहाल नहीं होती।
संविदा कर्मचारियों की हड़ताल का असर
जानकारी के अनुसार, फील्ड में कार्यरत अधिकांश संविदा कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिससे मेंटेनेंस और फॉल्ट सुधार का काम प्रभावित हो रहा है। हालांकि बिजली विभाग का दावा है कि कर्मचारियों से बातचीत हो चुकी है और वे धीरे-धीरे काम पर लौट रहे हैं।
भुगतान नहीं मिलने से बंद हुआ ITMS संचालन
राजधानी रायपुर के 154 करोड़ रुपये के इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) का संचालन करने वाली कंपनी L&T ने भुगतान नहीं मिलने पर काम बंद कर दिया है। इसके चलते एक दर्जन से अधिक प्रमुख चौराहों के ट्रैफिक सिग्नल और 10 से अधिक सीसीटीवी कैमरे बंद हैं, जिससे कई स्थानों पर ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
372 हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों की निगरानी प्रभावित
शहर के 40 प्रमुख चौराहों (80 लोकेशन) पर लगे करीब 372 हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरे रेड लाइट उल्लंघन और ओवरस्पीड की निगरानी करते हैं। तकनीकी टीम नहीं होने से कई स्थानों पर सिस्टम बंद पड़ा है और ट्रैफिक पुलिस को मैन्युअली व्यवस्था संभालनी पड़ रही है।








