छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती पर हाईकोर्ट का हस्तक्षेप, दिव्यांग आरक्षण में गड़बड़ी के आरोप पर सरकार से जवाब तलब

0

बिलासपुर। CG DASTAK 

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षक और सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर दिव्यांग अभ्यर्थियों के आरक्षण का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। स्क्रीनशॉट में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के स्थान पर यहां उल्लिखित मुख्य न्यायाधीश का नाम कृष्णाराम महापात्र बताया गया है। उनकी अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हालांकि, उपलब्ध सामग्री में न्यायालय के आदेश की प्रमाणित प्रति नहीं है, इसलिए नाम और आदेश के विवरण की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

क्या है पूरा मामला?

राज्य सरकार ने शिक्षक और सहायक शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। भर्ती प्रक्रिया में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण से संबंधित नियमों के पालन पर कुछ अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए हैं। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि भर्ती विज्ञापन में दिव्यांगजन के आरक्षण से जुड़े प्रावधानों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया।

याचिकाकर्ताओं के अनुसार, पूरी तरह दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ देने की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। उनका कहना है कि इससे ऐसे अभ्यर्थियों के शिक्षक और सहायक शिक्षक बनने के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।

आरक्षण व्यवस्था पर उठाए सवाल

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में यह दलील दी गई कि भर्ती में दिव्यांगजन के लिए पद आरक्षित किए गए हैं, लेकिन पूरी तरह दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को इनका लाभ देने की व्यवस्था को लेकर सवाल हैं। उन्होंने इसे समान अवसर और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा विषय बताते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की है।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि आरक्षण नियमों के कथित उल्लंघन से संबंधित ये बातें याचिकाकर्ताओं के आरोप हैं। मामले में अंतिम निर्णय आने तक इन्हें न्यायालय द्वारा प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

स्क्रीनशॉट में दी गई जानकारी के मुताबिक, याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और जवाब देने के निर्देश दिए। मामले में सामान्य प्रशासन विभाग और समाज कल्याण विभाग से जुड़े नियमों का भी उल्लेख किया गया है।

अब राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत जवाब और न्यायालय में होने वाली आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। अदालत के समक्ष यह स्पष्ट किया जाना है कि भर्ती प्रक्रिया में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए लागू आरक्षण नियमों का किस प्रकार पालन किया गया।

भर्ती परीक्षा पर क्या पड़ेगा असर?

इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों के बीच सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध स्क्रीनशॉट में यह भी कहा गया है कि परीक्षा स्थगित करने या भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने के संबंध में सरकार अथवा व्यावसायिक परीक्षा मंडल की ओर से कोई आधिकारिक आदेश जारी होने की जानकारी नहीं है।

इसलिए अभ्यर्थियों को परीक्षा स्थगित होने की खबरों पर भरोसा करने से पहले संबंधित विभाग और परीक्षा मंडल की आधिकारिक सूचना देखनी चाहिए। हाईकोर्ट में सुनवाई और परीक्षा की स्थिति दो अलग-अलग बातें हैं; केवल नोटिस जारी होने से परीक्षा स्थगित होना अपने आप सिद्ध नहीं होता।

आगे क्या?

अब मामले में राज्य सरकार के जवाब और हाईकोर्ट की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी। यदि अदालत की ओर से भर्ती प्रक्रिया या आरक्षण व्यवस्था के संबंध में कोई नया आदेश जारी होता है, तो उसका प्रभाव संबंधित अभ्यर्थियों पर पड़ सकता है।

महत्वपूर्ण नोट: यह खबर उपलब्ध स्क्रीनशॉट में दी गई जानकारी पर आधारित है। प्रकाशन से पहले हाईकोर्ट के आधिकारिक आदेश, केस नंबर, अगली सुनवाई की तारीख और भर्ती परीक्षा से संबंधित आधिकारिक सूचना की पुष्टि करें।

CG Dastak | हर खबर, सीधा सच!

वेबसाइट: https://www.cgdastak.com

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here