गरियाबंद — अंतर्राज्यीय वन्य जीव तस्करी का पर्दाफाश, जीवित सालखपरी (पैंगोलिन) और छाल सहित तीन आरोपी गिरफ्तार

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गरियाबंद। 27 अक्टूबर 2025 — गरियाबंद पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतर्राज्यीय वन्य जीव तस्करों के गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में विलुप्त प्रजाति सालखपरी (पैंगोलिन) और उसकी छाल (सेल) के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।

यह कार्रवाई थाना देवभोग पुलिस और सायबर टीम की संयुक्त टीम द्वारा की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर क्षेत्र में अवैध गांजा, हीरा और वन्य जीव तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था।

📌 कैसे हुआ खुलासा:
26 अक्टूबर 2025 को मुखबिर से सूचना मिली कि एक मारुति कार (OD 08 D 7638) और मोटरसाइकिल (CG 05 C 9151) में ओडिशा से देवभोग की ओर अवैध रूप से सालखपरी (पैंगोलिन) और उसकी छाल बिक्री के लिए लाई जा रही है।
सूचना पर खुटगांव अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट पर घेराबंदी की गई, जहां संदिग्ध वाहन पकड़े गए। तलाशी के दौरान मारुति कार से एक जीवित सालखपरी (9.000 किलो) और मोटरसाइकिल से सालखपरी की छाल (6.13 किलो) बरामद हुई।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने ओडिशा के सुनाबेड़ा वन्य अभयारण्य से पैंगोलिन का शिकार किया और उसे बिक्री हेतु छत्तीसगढ़ लाया जा रहा था।

👮 गिरफ्तार आरोपी:
1️⃣ भवतोश पात्र (55 वर्ष), ग्राम अरेबेटा, थाना कलमपुर, जिला कालाहांडी (ओडिशा)
2️⃣ गोरे बारिक (55 वर्ष), ग्राम रेगालपाली, थाना कलमपुर, जिला कालाहांडी (ओडिशा)
3️⃣ कौशल नागेश (35 वर्ष), ग्राम ठिरलीगुड़ा, थाना देवभोग, जिला गरियाबंद (छ.ग.)

🧾 जब्त सामग्री:

  • जीवित सालखपरी (पैंगोलिन) – वजन 9.000 किग्रा
  • सालखपरी की छाल (सेल) – वजन 6.13 किग्रा
  • सफेद मारुति कार – क्रमांक OD 08 D 7638
  • मोटरसाइकिल HF डिलक्स – क्रमांक CG 05 C 9151

आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 27, 29, 31, 39(ख), 51(1)(क), 52 के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड में जेल भेजा गया है। बरामद जीवित सालखपरी को वन विभाग को सुपुर्द कर जंगल सफारी रायपुर में छोड़ा गया।

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