
कोरिया। कोरिया कालरी में जिला खनिज न्यास (DMF) मद से निर्मित वॉटर एटीएम एक बार फिर बदहाली का शिकार हो गया है। वर्षों से बंद पड़े इस वॉटर एटीएम को दोबारा शुरू करने के लिए नगर पालिक निगम ने 10 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत कर निविदा जारी की थी, लेकिन लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद आम लोगों को शुद्ध पेयजल की सुविधा अब तक नहीं मिल सकी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार, जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से केवल खानापूर्ति करते हुए वॉटर एटीएम पर रंग-रोगन कर लाखों रुपये खर्च दिखा दिए गए। मशीनों की वास्तविक मरम्मत और तकनीकी खामियों को दूर नहीं किया गया, जिसके चलते वॉटर एटीएम कुछ समय भी सुचारू रूप से संचालित नहीं हो सका और फिर से बंद हो गया।
कर्मचारियों ने भी उठाए सवाल
वॉटर एटीएम के संचालन से जुड़े कर्मचारी का कहना है कि मशीनों की आवश्यक मरम्मत किए बिना केवल बाहरी रंग-रोगन करने से व्यवस्था ठीक नहीं हो सकती। उन्होंने बताया कि मशीनों में खराबी की सूचना कई बार संबंधित अधिकारियों को दी गई, लेकिन आज तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण तक नहीं किया।
जांच और कार्रवाई की मांग
लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद वॉटर एटीएम बंद रहने से डीएमएफ निधि के उपयोग पर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और वॉटर एटीएम को तत्काल चालू कराने की मांग की है।
संवाददाता : अशोक कुमार, जिला एमसीबी









