
News:रायपुर। CG DASTAK

छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था अब दूसरे राज्यों के लिए भी मिसाल बनती जा रही है। महाराष्ट्र सरकार के विधायक और अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ के धान खरीदी मॉडल का अध्ययन करने के बाद इसकी सराहना करते हुए कहा कि इस प्रणाली को महाराष्ट्र में लागू करने के लिए राज्य सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
अटल नगर नवा रायपुर में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयालदास बघेल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में महाराष्ट्र से आए प्रतिनिधिमंडल ने धान खरीदी व्यवस्था, किसानों के पंजीयन, ऑनलाइन टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल, बारदाना प्रबंधन, व्यवस्थित मॉनिटरिंग और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर जैसी व्यवस्थाओं का विस्तार से अध्ययन किया।
प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष डॉ. परिणय फुके ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था पूरी तरह किसान हितैषी है। यहां की पारदर्शी और व्यवस्थित प्रणाली का अध्ययन कर महाराष्ट्र सरकार को इसे अपनाने का सुझाव दिया जाएगा।
बैठक में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि राज्य सरकार किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में प्रदेश में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई, जो देश के सबसे बड़े धान उपार्जन अभियानों में शामिल है। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में लगभग 2740 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
मंत्री बघेल ने प्रतिनिधिमंडल को कृषक उन्नति योजना सहित किसानों की आय बढ़ाने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

महाराष्ट्र के प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ के धान खरीदी मॉडल को किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण बताते हुए कहा कि इस मॉडल के विभिन्न पहलुओं को अपने राज्य के धान उत्पादक क्षेत्रों में लागू करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।









