करंट से डेढ़ वर्षीय मासूम की मौत: 40 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव, पिता ने की फोरेंसिक जांच और कार्रवाई की मांग

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गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। CG DASTAK 

जिले के गौरेला विकासखंड के रानीझांप गांव में करंट लगने से डेढ़ वर्षीय मासूम की मौत का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। घटना के करीब 40 दिन बाद प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में बच्चे के शव को कब्र से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। अब पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी, जबकि परिजनों ने मामले की फोरेंसिक जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

एसडीएम की अनुमति से निकाला गया शव

खोडरी चौकी प्रभारी सनत मात्रे ने बताया कि एसडीएम की अनुमति मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कब्र से शव का उत्खनन किया गया। करीब 40 दिन बीत जाने के कारण शव काफी हद तक डीकंपोज हो चुका था।

पंचनामा की कार्रवाई पूरी होने के बाद डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। अब रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पुष्टि होने पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

पिता ने फोरेंसिक जांच की उठाई मांग

मृतक मासूम के पिता योगेश राठौर का कहना है कि शव के अत्यधिक गल जाने के कारण डॉक्टरों को शरीर पर चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले। केवल सिर की हड्डी के कुछ अवशेष ही सुरक्षित मिले हैं।

उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए शव के अवशेषों की फोरेंसिक जांच कराने और लापरवाही के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

30 मई को हुआ था हादसा

गौरतलब है कि 30 मई 2026 को रानीझांप गांव में डेढ़ वर्षीय पार्थ राठौर की कथित रूप से सोलर हैंडपंप के लोहे के स्टैंड में करंट आने से मौत हो गई थी। परिजनों ने पंचायत और बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किए जाने के कारण यह हादसा हुआ।

रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई होती, तो उनका मासूम बेटा आज जीवित होता।

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