
नई दिल्ली। CG DASTAK
भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि की ओर बढ़ रहा है। हैदराबाद स्थित स्पेस स्टार्टअप स्काईरूट एयरोस्पेस ने देश के पहले निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल रॉकेट मिशन ‘मिशन आगमन’ की घोषणा की है। कंपनी का विक्रम-1 टेस्ट फ्लाइट-1 मिशन 12 जुलाई से 4 अगस्त 2026 के बीच श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा।

लॉन्च के लिए तैयार विक्रम-1
कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि विक्रम-1 लॉन्च व्हीकल को भारत के ऐतिहासिक फर्स्ट लॉन्च पैड (FLP) पर पूरी तरह असेंबल और स्टैक कर दिया गया है। यह मिशन भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
450 किलोमीटर की कक्षा में पहुंचेगा रॉकेट
स्काईरूट के अनुसार, विक्रम-1 को 60 डिग्री इन्क्लिनेशन पर 450 किलोमीटर ऊंचाई वाली लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में पेलोड स्थापित करने के लिए डिजाइन किया गया है।
भारत के निजी स्पेस सेक्टर के लिए ऐतिहासिक कदम
कंपनी ने कहा कि ‘मिशन आगमन’ भारत के पहले प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च के साथ अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत करेगा। इस मिशन की सफलता देश के तेजी से बढ़ते कमर्शियल स्पेस सेक्टर को नई गति देगी और वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में भारत की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगी।
ISRO और IN-SPACe का जताया आभार
स्काईरूट एयरोस्पेस ने इस मिशन को संभव बनाने में ISRO और IN-SPACe के सहयोग की सराहना की। कंपनी का कहना है कि दोनों संस्थानों के समर्थन से भारत में निजी कंपनियों की अंतरिक्ष क्षेत्र में भागीदारी का रास्ता और मजबूत हुआ है।










