
महासमुंद। CG DASTAK
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सरकारी योजनाओं और फ्री कुकर का लालच देकर महिलाओं के नाम पर करोड़ों रुपये का फर्जी लोन निकालने वाले बड़े रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पूरे खेल के मास्टरमाइंड दो बैंक बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (BC) को गिरफ्तार किया है।
फ्री कुकर और सरकारी योजना का दिया लालच
पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपियों ने ग्राम पिरदा की महिलाओं को फ्री कुकर और सरकारी योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर एकत्र किया। इसके बाद बायोमेट्रिक मशीन में ‘सिस्टम एरर’ का बहाना बनाकर महिलाओं के 3 से 4 बार फिंगरप्रिंट लिए गए और उनके मोबाइल पर आए OTP हासिल कर लिए गए।
इसी का फायदा उठाकर महिलाओं की जानकारी और सहमति के बिना उनके नाम पर करोड़ों रुपये के फर्जी लोन स्वीकृत करा लिए गए।
BC आईडी का दुरुपयोग कर किया गबन
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी लक्ष्मीचंद देवांगन और मनोहर जटवार महिलाओं से सीधे संपर्क में नहीं आते थे। उन्होंने बैंक बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (BC) के रूप में अपनी आधिकारिक आईडी का दुरुपयोग किया। एजेंट सुदर्शन साहू द्वारा जुटाए गए फिंगरप्रिंट और दस्तावेजों के आधार पर बैंक से रकम निकालकर उसका गबन कर लिया गया।
रिकवरी टीम पहुंची तो खुला करोड़ों की ठगी का राज
इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब भारत फाइनेंस की रिकवरी टीम लोन की किस्त वसूलने ग्राम पिरदा पहुंची। महिलाओं ने बताया कि उन्होंने कभी किसी लोन के लिए आवेदन ही नहीं किया। इसके बाद 1 अप्रैल 2025 को पीड़िता रजनी देवांगन ने थाना बसना में शिकायत दर्ज कराई।
138 महिलाओं के साथ हुई ठगी
शिकायत के बाद पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड और ट्रांजेक्शन की जांच की, जिसमें 138 महिलाओं के नाम पर फर्जी लोन निकालने का खुलासा हुआ। मामले की जांच के दौरान मुख्य एजेंट सुदर्शन साहू को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।
अब 1 जुलाई 2026 को पुलिस ने इस सिंडिकेट के दो मुख्य बैंक बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट लक्ष्मीचंद देवांगन (40) और मनोहर जटवार (33) को गिरफ्तार कर लिया है।
जांच जारी
पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कुल कितनी राशि का गबन किया गया।










