CG News: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर भारतीय योग संस्थान का जागरूकता अभियान, योग महोत्सव में उमड़े सैकड़ों साधक

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रायपुर। CG DASTAK 

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारतीय योग संस्थान, रायपुर द्वारा दो दिवसीय योग महोत्सव के तहत प्रथम दिवस जागरूकता अभियान का आयोजन आयुष मंत्रालय के प्रोटोकॉल के अनुरूप उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योग साधकों ने भाग लेकर योग, प्राणायाम और ध्यान का सामूहिक अभ्यास किया।

कार्यक्रम सुबह 5:30 बजे से 7:30 बजे तक आयोजित हुआ। भजन और योग गीतों के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। प्रियदर्शनी नगर-टैगोर नगर केंद्र के साधकों ने योग नृत्य के माध्यम से सूक्ष्म क्रियाओं का प्रदर्शन किया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलन, गायत्री मंत्र एवं सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ वरिष्ठ साधकों द्वारा किया गया।

स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ थीम पर विशेष अभ्यास

इस वर्ष की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” के अनुरूप योगमुद्रा, अर्ध चक्रासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंधासन, नौकासन सहित विभिन्न योगासनों का सामूहिक अभ्यास कराया गया। आसनों का प्रदर्शन लता, पिकी एवं प्रभा ने किया, जबकि मुकेश सोनी, राजेश अग्रवाल एवं वंदना आहूजा ने साधकों को अभ्यास कराया।

प्राणायाम सत्र में राजेश डागा ने कपालभाति, शीतली, शीतकारी एवं भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास कराया, वहीं के.आर. साहू ने शांति पाठ के साथ ध्यान सत्र का संचालन किया।

योग को सेवा का माध्यम बनाने का संदेश

कार्यक्रम में मुकेश सोनी ने “वृद्धावस्था के लिए योग” विषय पर विशेष उद्बोधन देते हुए योग साधना को निष्काम सेवा से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योग केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा का भी प्रभावी मार्ग है।

इस दौरान भैरव सोसायटी द्वारा प्रेरणादायी नाटक तथा एस.एस.डी. धाम, अलीडीह के साधकों ने आकर्षक योग नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियां बनीं आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम का संचालन सुदेशना मेने एवं रिया फतनानी ने किया। कार्यक्रम समन्वयक किरण प्रसाद एवं गीतांजली बाग रहीं। राष्ट्रगान और सामूहिक फोटो के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ तथा सभी साधकों को प्रसाद वितरण किया गया।

अंत में भारतीय योग संस्थान के गणेश शुक्ला ने सभी योग प्रेमियों एवं बालाजी विद्या मंदिर के संचालक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “अनुशासन ही कार्यक्रम का श्रृंगार है।” उन्होंने सभी से स्वस्थ और सुखी जीवन के लिए प्रतिदिन योग करने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में लक्ष्मी प्रसाद विश्वकर्मा, हर्षपाल, कंवलजीत, सरिता, पटेल, लक्ष्मी प्रजापति एवं प्रकाश जी का विशेष योगदान रहा।

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