
बालोद। CG DASTAK

बालोद पुलिस ने डीजल चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। मामले में 9 और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इससे पहले 2 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। अब तक इस प्रकरण में कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी और 6 वाहनों की जब्ती की जा चुकी है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मध्यप्रदेश पासिंग की दो स्कॉर्पियो, एक टैंकर, तीन मोबाइल फोन, 37 प्लास्टिक गेलन और 40 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह सुनसान स्थानों पर खड़े ट्रकों और बसों की डीजल टंकियों का ताला तोड़कर डीजल चोरी करता था। चोरी का डीजल गेलनों में भरकर कमीशन के आधार पर आगे बेचा जाता था। वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी स्कॉर्पियो, कार और अन्य वाहनों का उपयोग करते थे।
पुलिस के अनुसार, 3 से 11 जून 2026 के बीच लाटाबोड़, नेवारीखुर्द, जगतरा, अर्जुन्दा और कुम्हारी क्षेत्र में डीजल चोरी की कई वारदातों को अंजाम दिया गया था। 13 जून को नाकेबंदी के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 490 लीटर चोरी का डीजल, कार, सुमो गोल्ड, स्कॉर्पियो और अन्य सामान जब्त किया गया था।
फरार आरोपियों की तलाश के दौरान साइबर सेल और थाना बालोद की संयुक्त टीम ने रायपुर के उरला स्थित एक किराए के मकान में दबिश देकर सोनू वाल्मिकी, गणेश साव, अरुण फुलेरिया, तुषार माली, राहुल चंदेल, राकेश चंदेल, होकम सिंह मालवी, वीरेंद्र सिंह और धरमराज फुलेरिया को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने डीजल चोरी और उसकी खरीद-बिक्री के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।
यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य, पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर तथा एसडीओपी बोनीफॉस एक्का के निर्देशन में निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा और साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने की।
पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है। मामले में अन्य संभावित आरोपियों और गिरोह के नेटवर्क की जांच अभी जारी है।








