
रायपुर/चिरमिरी। संवाददाता: अशोक कुमार
छत्तीसगढ़ के चिरमिरी क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और भावुक पल सामने आया है। आज़ादी के 75 साल बाद पहली बार चिरमिरी के एसईसीएल क्षेत्र के सभी वार्डों तक सरकारी बिजली पहुंचने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संकल्प और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से अब चिरमिरी में “रोशनी की आज़ादी” का सपना साकार होता दिखाई दे रहा है।
दशकों से सरकारी बिजली से वंचित थे हजारों परिवार
चिरमिरी के एसईसीएल क्षेत्र में रहने वाले हजारों परिवार पीढ़ियों से कोयला खदानों के बीच जीवन गुजारते आए, लेकिन विडंबना यह रही कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) की सरकारी बिजली आज तक उनके घरों तक नहीं पहुंच सकी थी। लोग खदान क्षेत्र की अस्थायी और अनियमित बिजली व्यवस्था पर निर्भर थे।
बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग वर्षों से इस उम्मीद में थे कि कभी उनके घरों में भी नियमित सरकारी बिजली पहुंचेगी।
मुख्यमंत्री का वादा अब धरातल पर
09 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के प्रवास के दौरान नगर निगम चिरमिरी में CSPDCL से बिजली आपूर्ति की घोषणा की थी। उस समय यह घोषणा क्षेत्रवासियों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई थी।
अब राज्य शासन द्वारा इस दिशा में ठोस कदम बढ़ाए गए हैं। 8 मई 2026 को जारी आदेश के अनुसार मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना के तहत 30 मार्च 2026 को चिरमिरी नगर निगम को ₹53.08 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। पुराने बजट की शेष ₹0.49 करोड़ राशि को मिलाकर कुल ₹53.57 करोड़ से वर्ष 2026-27 में अधोसंरचना विकास कार्य शुरू किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जताया आभार
क्षेत्रीय विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा—
“यह सिर्फ सरकारी बिजली नहीं, बल्कि चिरमिरी के लोगों का वर्षों पुराना अधिकार है। आज़ादी के बाद से जो सपना अधूरा था, मुख्यमंत्री जी की संवेदनशीलता और दूरदृष्टि से अब वह पूरा होने जा रहा है।”
उन्होंने कहा कि यह परियोजना चिरमिरी के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
डोमनहिल से पोड़ी तक पहुंचेगा उजाला
इस परियोजना के तहत चिरमिरी के एसईसीएल क्षेत्र के सभी वार्डों में CSPDCL का पूर्ण विद्युत अधोसंरचना नेटवर्क तैयार किया जाएगा। डोमनहिल, गेल्हापानी, कोरिया कॉलरी और पोड़ी जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में भी अब सरकारी बिजली पहुंच सकेगी।
जिस धरती ने वर्षों तक पूरे देश को कोयले से रोशन किया, अब उसी धरती के लोगों के घरों में भी स्थायी सरकारी बिजली का उजाला पहुंचने जा रहा है।
यह सिर्फ एक बिजली परियोजना नहीं, बल्कि चिरमिरी के लोगों की दशकों पुरानी उम्मीदों, संघर्ष और सपनों के पूरे होने का ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है।










