
कबीरधाम। CG DASTAK
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पुलिस ने बाल तस्करी और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बैगा जनजाति के 13 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया है। इस मामले में पुलिस ने संगठित गिरोह से जुड़े 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में बड़ी सफलता माना जा रहा है।
पैसों का लालच देकर बच्चों को ले गए आरोपी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने वनांचल क्षेत्र थूहापानी के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पैसों का लालच देकर उनके बच्चों को बाहर काम दिलाने के नाम पर अपने साथ ले गए थे।
गरीबी और मजबूरी का फायदा उठाकर मासूम बच्चों को कथित तौर पर बंधुआ मजदूरी में झोंक दिया गया। बताया जा रहा है कि बच्चों से जबरन मजदूरी कराई जा रही थी।
पुलिस ने बनाई स्पेशल टीम
बच्चों के लापता होने और तस्करी की आशंका सामने आने के बाद कबीरधाम पुलिस तत्काल सक्रिय हुई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों और विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर बच्चों का पता लगाया।
सुरक्षित वापस लाए गए सभी बच्चे
पुलिस टीम ने अभियान चलाकर सभी 13 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया और उन्हें वापस उनके गृह जिले लेकर आई। बच्चों के परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
8 आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी अलग-अलग गांवों के निवासी हैं और संगठित तरीके से ग्रामीण इलाकों में गरीब परिवारों को निशाना बनाते थे।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार अन्य जिलों या राज्यों से जुड़े हैं या नहीं।
बाल तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई
कबीरधाम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बाल तस्करी, बंधुआ मजदूरी और मानव तस्करी से जुड़े मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि बच्चों को काम दिलाने या बाहर ले जाने के नाम पर किसी भी अंजान व्यक्ति के झांसे में न आएं।










