सरायपाली नगर पालिका परिषद अंतर्गत निर्माणाधीन गौरव पथ में गंभीर अनियमितताओं का मामला एक बार फिर विधानसभा में गूंजा

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अधूरे कार्य और गंभीर शिकायतों के बावजूद ठेकेदार को 99% भुगतान पर उठाए सवाल

– 19 शिकायतें, अधिकारी निलंबित, फिर भी ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं

सरायपाली, 16/12/2025 : सरायपाली नगर पालिका परिषद अंतर्गत निर्माणाधीन गौरव पथ में गंभीर अनियमितताओं का मामला एक बार फिर विधानसभा में गूंजा है। विधायक चातुरी नंद ने नगरीय प्रशासन मंत्री से गौरव पथ निर्माण में हुई अब तक की शिकायतों, प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई सहित ठेकेदार को नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा अब तक हुए भुगतान राशि की जानकारी मांगी थी।

विधायक चातुरी नंद के सवाल के लिखित जवाब में नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने बताया कि संदीप अग्रवाल सहित कुल 19 लोगों ने गौरव पथ निर्माण में अनियमितता को लेकर शिकायत की थी।

उपरोक्त के अतिरिक्त मान विधायक महोदया द्वारा विषय संज्ञान में लाने पर विभाग द्वारा कार्यपालन अभियंता क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर से प्रतिवेदन प्राप्त किया गया । प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर उप अभियंता एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी के निलंबन की कार्यवाही की गई । श्री कौशिक को जारी आरोप पत्रादि के संबंध में उनसे प्राप्त प्रतिउत्तर का परीक्षण मुख्य अभियता से कराया जा रहा है। शासन के आदेश दिनांक 16.05. 2025 द्वारा श्री शर्मा के विरूद्ध विभागीय जांच सस्थित किया गया है।

मुख्य सचिव कार्यालय से प्राप्त पत्र पर संयुक्त संचालक क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर द्वारा गठित जाच दल से प्रतिवेदन प्राप्त हुआ है। जिसमें संचालनालय के पत्र क्रमांक 10775 दिनांक 02.12.2025 द्वारा अतिरिक्त जानकारी चाहा गया। जो क्षेत्रीय कार्यालय के पत्र दिनांक 05.12.2025 के माध्यम से प्राप्त हुआ है। प्राप्त प्रतिवेदन के तथ्य परीक्षण के अधीन है।

नगरीय प्रशासन मंत्री ने अपने जवाब में यह भी बताया कि संचालनालय के आदेश क्रमांक 5653, दिनांक 04.10.2024 द्वारा उप अभियंता श्री भुवन लाल कौशिक को तथा विभाग के आदेश दिनांक 05.12.2024 द्वारा श्री अशोक शर्मा मुख्य नगर पालिका अधिकारी को निलंबित किया गया है। समय-समय पर निकाय द्वारा ठेकेदार को कार्य में सुधार लाने व समय सीमा में पूर्ण करने नोटिस जारी किया गया। जांच प्रक्रियाधीन होने के कारण वर्तमान में प्राप्त उपयोगिता प्रमाण-पत्र पर अगामी किश्त जारी नही की गई है।

मंत्री जी के लिखित जवाब में यह भी बताया गया है कि गौरव पथ निर्माण हेतु 3800 लाख प्राप्त में से 3759.45 लाख रूपये का भुगतान ठेकेदार को किया जा चुका है।

विधायक चातुरी नंद ने इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति में बड़ा आरोप लगाते हुए गौरव पथ निर्माण में भारी गड़बड़ी और भ्रष्टाचार होने का बड़ा आरोप एक बार फिर लगाया है।

विधायक चातुरी नंद ने कहा कि मेरे द्वारा उठाए गए सवालों के बाद जो जवाब आया है उसमें बड़ा विरोधाभास उजागर हुआ है। विभागीय मंत्री ने अपने लिखित जवाब में कहा कि जांच प्रक्रियाधीन होने के कारण वर्तमान में प्राप्त उपयोगिता प्रमाण-पत्र पर अगामी किश्त जारी नही की गई है जबकि 99 प्रतिशत राशि (करीब 3759.45 लाख रुपये) का भुगतान पहले ही ठेकेदार एवं संबंधित एजेंसियों को किया जा चुका है।

विधायक चातुरी नंद ने नगरीय प्रशासन मंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा इस सरकार की कथनी और करनी में बड़ा फर्क है। वर्ष 2024 से 2025 के बीच कई किश्तों में ठेकेदार को विभिन्न चेक नंबरों एवं तिथियों में करोड़ों रुपये की अदायगी आखिर किस आधार पर की गई है जबकि उक्त अवधि में कई शिकायतें लगातार नगरवासियों और मेरे द्वारा स्वयं की गई है। एक ओर जिस निर्माण कार्य में अनियमितताओं की बात स्वीकार की गई, उसी कार्य में ठेकेदार एवं अन्य एजेंसियों को लगभग पूरी राशि का भुगतान पहले ही किया जा चुका है जो दर्शाता है कि सरकार की कथनी और करनी में फर्क है। यह तथ्य सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच गंभीर विरोधाभास को उजागर करता है।

विधायक चातुरी नंद ने इस पूरे मामले को जनता के पैसे से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए भुगतान प्रक्रिया, अधिकारियों की भूमिका और ठेकेदार की जिम्मेदारी की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब अनियमितताओं की पुष्टि हो चुकी थी और अधिकारी निलंबित किए गए, तब ठेकेदार को करोड़ों रुपये का भुगतान किस आधार पर किया गया—इसकी जवाबदेही तय होना आवश्यक है।

यह मामला न केवल निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि सरकारी तंत्र में जवाबदेही की कमी को भी उजागर करता है, जिसे लेकर विधायक चातुरी नंद ने जनहित में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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