
बिलासपुर। CG DASTAK
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में डोसा दुकान में तोड़फोड़ और चोरी की कोशिश के आरोप में एक युवक की पिटाई का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति युवक को लाठी-डंडों और लात-घूंसों से मारता दिखाई दे रहा है, जबकि आसपास कई लोग मौजूद हैं।

मामला तारबाहर थाना क्षेत्र के राजीव प्लाजा स्थित एक डोसा दुकान का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, युवक की पहचान विक्की मानिकपुरी के रूप में हुई है। उस पर दुकान में तोड़फोड़ करने और चोरी की कोशिश करने का आरोप है।
दुकान में तोड़फोड़ और चोरी की कोशिश का आरोप
मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार को राजीव प्लाजा स्थित डोसा दुकान में कथित तौर पर तोड़फोड़ और चोरी की कोशिश की घटना हुई। इसके बाद व्यापारी और सुरक्षा कर्मियों ने युवक को पकड़ लिया।

दुकानदार की ओर से युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में दुकान में तोड़फोड़ और चोरी की कोशिश का आरोप लगाया गया है। इसके बाद पुलिस ने युवक के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी।
हालांकि, दुकान में तोड़फोड़ और चोरी की कोशिश के आरोपों की पुष्टि जांच के तथ्यों के आधार पर ही होगी।
मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। वीडियो में युवक के साथ मारपीट होती दिखाई दे रही है। आसपास मौजूद कुछ लोग घटनास्थल पर खड़े नजर आते हैं।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मारपीट की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच शुरू की है।
सीएसपी बोले- वीडियो के आधार पर हो रही जांच
सीएसपी गगन कुमार के मुताबिक, 27 अक्टूबर को सामने आए वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मारपीट किन परिस्थितियों में हुई और इसमें कौन-कौन शामिल थे।
जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं
किसी व्यक्ति पर चोरी या तोड़फोड़ का संदेह होने पर उसे पकड़कर पुलिस को सूचना दी जा सकती है। लेकिन आरोप के आधार पर किसी को पीटना कानूनन उचित नहीं है। मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण है, ताकि कथित चोरी की कोशिश और मारपीट, दोनों पहलुओं पर तथ्य सामने आ सकें।
CG Dastak की अपील: वायरल वीडियो देखकर किसी को दोषी न मानें। मामले में पुलिस की जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही निष्कर्ष निकालें।









