
रायगढ़ CG DASTAK
रायगढ़ में 40 महिला हितग्राहियों की 7.58 लाख रुपये की राशि गबन करने का आरोप, हैदराबाद से आरोपी गिरफ्तारछत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक फाइनेंस कंपनी के कलेक्शन एजेंट पर 40 महिला हितग्राहियों से लोन की किस्त और बकाया ऋण एकमुश्त जमा करने के नाम पर 7 लाख 58 हजार 937 रुपये लेने और कंपनी में जमा नहीं करने का आरोप है। मामले में पुलिस ने आरोपी को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ के दौरान राशि खर्च कर देने की बात स्वीकार की। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
कंपनी के मैनेजर ने दर्ज कराई शिकायत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला रायगढ़ के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। भारत फाइनेंशियल इंक्लूजन लिमिटेड की रायगढ़ शाखा के वर्तमान मैनेजर वासुदास मानिकपुरी ने इस संबंध में पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में बताया गया कि कंपनी में कलेक्शन एजेंट के पद पर काम करने वाले विक्रम सिंह सिदार ने सितंबर 2023 से अगस्त 2024 के बीच 40 महिला हितग्राहियों से लोन की किस्तें और बकाया ऋण एकमुश्त जमा करने के नाम पर रुपये लिए थे।
आरोप है कि संबंधित राशि कंपनी में जमा नहीं की गई। महिला हितग्राहियों के खातों में कुल 7 लाख 58 हजार 937 रुपये बकाया दर्ज था। महिलाओं ने इस संबंध में शाखा में शिकायत भी की थी।
मोबाइल बंद कर हुआ फरार
शिकायत के मुताबिक, शुरुआत में आरोपी ने मोबाइल पर संपर्क करने पर कुछ दिनों के भीतर राशि कंपनी में जमा करने की बात कही थी। हालांकि, बाद में उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया और संपर्क से बाहर हो गया।
इसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान शिकायतकर्ता और महिला हितग्राहियों के बयान दर्ज किए गए।
हैदराबाद में कपड़े की दुकान पर मिला आरोपी
पुलिस की जांच में आरोपी विक्रम सिंह सिदार (20 वर्ष), निवासी अमराडीह, वार्ड क्रमांक 3, पोस्ट पिहरीद, थाना मालखरौदा, जिला सक्ती के हैदराबाद में होने की जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस टीम हैदराबाद पहुंची। तलाशी के दौरान आरोपी बंजारा हिल्स क्षेत्र में एक कपड़े की दुकान पर सेल्समैन के रूप में काम करता मिला। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर रायगढ़ पहुंचाया।
पूछताछ में राशि खर्च करने की बात
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर गबन की गई राशि खर्च कर देने की बात स्वीकार की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस मामले में 40 महिला हितग्राहियों से जुड़ी 7 लाख 58 हजार 937 रुपये की राशि का उल्लेख है। मामले की विस्तृत कानूनी स्थिति और राशि की वसूली के संबंध में आगे की जानकारी उपलब्ध नहीं है।









