
सरगुजा। CG DASTAK
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में हाथियों का आतंक ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। उदयपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम महेशपुर में हाथी के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए 60 वर्षीय बुजुर्ग की रायपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। बुजुर्ग का उपचार मेकाहारा अस्पताल में चल रहा था। सोमवार को उन्होंने दम तोड़ दिया, जिसके बाद मंगलवार को गृहग्राम महेशपुर में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

तालाब के पास हाथियों के झुंड ने किया हमला
जानकारी के मुताबिक, ग्राम महेशपुर निवासी मोहन कुजूर (60) 6 अक्टूबर को तालाब के पास गए थे। इसी दौरान उनका सामना हाथियों के झुंड से हो गया। बताया गया है कि एक हाथी ने उन्हें लात मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले में उनके सीने में गंभीर चोट आई थी और जबड़ा भी टूट गया था।
पहले उदयपुर में उपचार, फिर रायपुर रेफर
घटना के बाद घायल बुजुर्ग को उदयपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्राथमिक उपचार दिया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। इसके बाद बेहतर उपचार के लिए रायपुर के मेकाहारा अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
उदयपुर क्षेत्र में 25 हाथियों का झुंड सक्रिय
उदयपुर क्षेत्र में करीब 25 हाथियों का झुंड सक्रिय बताया जा रहा है। हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है। जानकारी के अनुसार, हाथियों द्वारा खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कुछ ग्रामीणों के घरों को भी क्षति पहुंचने की बात सामने आई है।

ग्रामीणों का कहना है कि धान की फसल तैयार हो चुकी है, लेकिन हाथियों के कारण फसल बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
वन विभाग कर रहा निगरानी
हाथियों की गतिविधियों पर वन विभाग नजर रख रहा है। विभाग की ओर से ग्रामीणों को हाथियों से दूरी बनाए रखने और सतर्क रहने की समझाइश दी जा रही है। फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे के लिए भी प्रकरण तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है।

हाथियों की लगातार मौजूदगी और बुजुर्ग की मौत के बाद क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों की मांग है कि सुरक्षा के लिए प्रभावी इंतजाम किए जाएं, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
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