
कबीरधाम। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच कबीरधाम साइबर पुलिस ने फर्जी APK फाइल के जरिए लोगों के बैंक खातों और UPI से रकम निकालने के आरोप में एक युवक को उत्तर प्रदेश के झांसी से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी लोगों को RTO चालान, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जी APK फाइल भेजता था। पीड़ितों द्वारा इन फाइलों को मोबाइल में इंस्टॉल किए जाने के बाद उनकी बैंकिंग और UPI से संबंधित जानकारी साइबर ठगों तक पहुंचने की बात पुलिस जांच में सामने आई। स्वतंत्र रिपोर्टों में भी पुलिस की कार्रवाई और इस तरीके की पुष्टि हुई है।
दो मामलों में करीब ₹1.97 लाख की ठगी
कबीरधाम साइबर पुलिस के अनुसार इस मामले से जुड़े दो प्रकरणों में ठगी की रकम सामने आई है।
पहले मामले में ₹1,00,000 और दूसरे मामले में ₹96,501 की रकम पीड़ितों के बैंक खातों से बिना जानकारी के UPI के माध्यम से दूसरे खातों में ट्रांसफर किए जाने की शिकायत मिली थी।
पुलिस ने दोनों मामलों में अपराध क्रमांक 13/26 और 16/26, धारा 318(4) BNS के तहत कार्रवाई की।

मोबाइल जांच में मिला फर्जी APK
पुलिस के अनुसार पीड़ितों के मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की गई। इस दौरान मोबाइल में RTO चालान, PM आवास योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के नाम पर भेजी गई APK फाइलें मिलीं।
पुलिस का कहना है कि पीड़ितों ने जानकारी के अभाव में इन फाइलों को इंस्टॉल कर लिया था। इसके बाद बैंकिंग एवं UPI से संबंधित जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंची और बैंक खातों में मौजूद रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई।
तकनीकी साक्ष्यों से झांसी तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच के दौरान साइबर पुलिस ने बैंकिंग डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया।
पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा साइबर थाना के अधिकारियों के दिशा-निर्देशन में टीम ने तकनीकी निगरानी शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने सौरभ कुशवाहा, उम्र 24 वर्ष, निवासी करेरा, जिला शिवपुरी, मध्यप्रदेश को संदिग्ध के रूप में चिन्हांकित किया।
इसके बाद साइबर पुलिस की विशेष टीम झांसी, उत्तर प्रदेश पहुंची।
किराये के मकान से गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार तकनीकी निगरानी के आधार पर टीम झांसी में एक किराये के मकान तक पहुंची। वहां से सौरभ कुशवाहा को हिरासत में लिया गया।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने फर्जी APK फाइल के माध्यम से साइबर ठगी करने की बात स्वीकार की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।

क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से:
- 📱 2 मोबाइल फोन
- 📲 दूसरे व्यक्ति के नाम पर जारी SIM
- 🏦 बैंक पासबुक
- 📕 चेकबुक
- 💳 ATM कार्ड
बरामद किए गए हैं।

पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
दो महीने में 5 मुख्य साइबर आरोपी गिरफ्तार
कबीरधाम साइबर पुलिस के अनुसार पिछले दो महीनों में टीम ने अलग-अलग मामलों में 5 मुख्य साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई साइबर अपराधों की रोकथाम और तकनीकी जांच के तहत की जा रही है।
APK फाइल से कैसे बचें?
किसी अनजान नंबर से आने वाली APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। खासकर ऐसी फाइलों से सावधान रहें जिनके नाम में RTO Challan, बिजली बिल, KYC Update, Bank Update, PM Awas या किसी सरकारी योजना का उल्लेख हो।
किसी भी अनजान APK को इंस्टॉल करने से पहले उसकी सत्यता संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से जांचें।
OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV और बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
अगर साइबर ठगी हो जाती है तो तुरंत 1930 पर कॉल करें। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल भी ऑनलाइन शिकायत की सुविधा देता है।
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