
गौशाला भेजने के नाम पर नरहरपुर हाईस्कूल खेल मैदान से करीब 40 गौवंश 6 पिकअप में ले जाने का आरोप; पुलिस के अनुसार 37 गौवंश बरामद, आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल भेजे गए।
कांकेर। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के नरहरपुर थाना क्षेत्र में करीब 40 गौवंश के चोरी होने के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, गौवंशों को गौशाला भेजने के नाम पर ग्रामीणों से संपर्क किया गया और नरहरपुर हाईस्कूल खेल मैदान से करीब 40 गाय-बछड़ों को छह पिकअप वाहनों में भरकर ले जाया गया। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही पर 37 गौवंश, 4 मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त 3 पिकअप वाहन बरामद किए गए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत पुलिस ने 18.40 लाख रुपये बताई है।
गौशाला भेजने की बात कहकर ले गए थे गौवंश
पुलिस के अनुसार नरहरपुर निवासी रविकांत ठाकुर ने थाना नरहरपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि क्षेत्र के ग्रामीणों की गाय और बछड़े 30 सितंबर 2026 की रात से लापता हैं।
शिकायत और पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि हिमांशू तिवारी और गौरव शोरी नामक व्यक्तियों ने कथित तौर पर आवारा एवं लावारिस मवेशियों को गौशाला भेजने की बात कहकर ग्रामीणों से संपर्क किया था।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पण्डरीपानी, सिहावा स्थित गौशाला में मवेशियों को भेजने की बात कही थी। इसके बाद नरहरपुर हाईस्कूल खेल मैदान से करीब 40 गौवंशों को पिकअप वाहनों में भरकर ले जाया गया।
जब ग्रामीण संबंधित गौशाला पहुंचे और वहां जानकारी ली, तो कथित तौर पर नरहरपुर से कोई गौवंश वहां पहुंचा ही नहीं था। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई।

अपराध दर्ज कर शुरू हुई जांच
शिकायत के आधार पर थाना नरहरपुर में अपराध क्रमांक 193/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कांकेर निखिल राखेचा (भापुसे) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश साहू एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस हरिश कुमार पाटिल के मार्गदर्शन में पुलिस टीम गठित की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक सोमेश सिंह बघेल के नेतृत्व में टीम ने आरोपियों की पतासाजी शुरू की।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आई पूरी कड़ी
पुलिस का कहना है कि आरोपियों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने करीब 40 गौवंशों को गौशाला भेजने के बहाने ले जाने की बात स्वीकार की।
पुलिस के अनुसार छह पिकअप वाहनों में से दो पिकअप में लदे 10 गौवंश ग्रामीणों को बांट दिए गए थे, जबकि चार पिकअप में लदे 30 गौवंशों को बेचने की जानकारी सामने आई।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में आरोपियों के कथित कबूलनामे और अन्य आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर होगा।
37 गौवंश बरामद, 3 पिकअप और 4 मोबाइल जब्त
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 37 गौवंश, जिनकी अनुमानित कीमत ₹2.60 लाख बताई गई है, बरामद किए। बरामद गौवंशों को कांजी हाउस भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
इसके अलावा पुलिस ने:
4 मोबाइल फोन – ₹80,000
3 पिकअप वाहन – ₹15 लाख
37 गौवंश – ₹2.60 लाख
जब्त किए हैं।
इस तरह पुलिस के अनुसार कुल ₹18.40 लाख की जब्ती की गई है।
चार आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है:
- हिमांशू तिवारी, उम्र 26 वर्ष, निवासी जामगांव बाजारपारा
- गौरव शोरी, उम्र 20 वर्ष, निवासी जामगांव नीचेपारा
- मनीष कुमार बघेल, उम्र 24 वर्ष, निवासी जामगांव भुखहरापारा
- विश्वनाथ कौशिक, उम्र 28 वर्ष, निवासी जामगांव भुखहरापारा
पुलिस के अनुसार चारों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस की टीम
कार्रवाई में निरीक्षक सोमेश सिंह बघेल, उपनिरीक्षक प्रशिक्षु पियुष कुमार यादव, प्रधान आरक्षक संवलू राम नेताम तथा आरक्षक नीलेश निषाद, पवन मरकाम, गुलशन मंडावी और धर्मेन्द्र साहू की भूमिका रही।
पुलिस की अपील
कांकेर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि गौवंश चोरी, अवैध परिवहन या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस हेल्पलाइन 94791-55125 पर दें। पुलिस के अनुसार सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
पूरी खबर और ऐसी ही छत्तीसगढ़ की अपडेट्स के लिए पढ़ें — www.cgdastak.com









