
रायपुर। CG DASTAK
रायपुर। शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर में 19 से 25 अगस्त 2026 तक आयोजित एक सप्ताह के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) “प्रशासनिक दक्षता, सुशासन एवं संस्थागत उत्कृष्टता” का सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम में देश के विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षकों के साथ महाविद्यालय के शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों सहित 136 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की।

प्रशासन से लेकर साइबर सुरक्षा और तनाव प्रबंधन तक हुई चर्चा
आयोजन सचिव डॉ. लखपति पटेल ने बताया कि FDP का उद्देश्य प्रतिभागियों को प्रशासनिक नियमों, सुशासन, कार्यस्थल सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, शासकीय क्रय प्रक्रिया, तनाव प्रबंधन और संस्थागत उत्कृष्टता से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देना था।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ वक्ताओं ने विभिन्न विषयों पर व्याख्यान के साथ संवाद और व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया।
छह दिनों के प्रमुख सत्रों का दिया गया प्रतिवेदन
समापन समारोह में कार्यक्रम समन्वयक डॉ. नियति गुरुद्वान ने FDP का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
पहले दिन डॉ. तपेश चंद्र गुप्ता, अपर संचालक, उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक नियमों और छत्तीसगढ़ अवकाश नियमों के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी।

दूसरे दिन डॉ. भूपेंद्र करवंदे ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध एवं निवारण अधिनियम, 2013 पर जानकारी दी। उन्होंने आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका और सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यस्थल के महत्व को समझाया।
तीसरे दिन सहायक पुलिस आयुक्त, अपराध एवं साइबर सेल, रायपुर डॉ. नरेश पटेल ने साइबर धोखाधड़ी से बचाव की रणनीतियों पर जानकारी दी। इसमें ऑनलाइन वित्तीय फ्रॉड, फिशिंग, OTP धोखाधड़ी, पहचान की चोरी, फर्जी लिंक और डिजिटल भुगतान से जुड़े साइबर अपराधों पर चर्चा हुई।
चौथे दिन छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा के संयुक्त संचालक श्री प्रणव सिंह ने शासकीय कार्यालयों में क्रय नियमों पर व्याख्यान दिया। उन्होंने सामान्य वित्तीय नियम, छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम, GeM और निविदा प्रक्रिया के साथ पारदर्शिता एवं जवाबदेही के महत्व पर प्रकाश डाला।
पांचवें दिन डॉ. मीता झा ने तनाव प्रबंधन एवं भावनात्मक कल्याण विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने तनाव के विभिन्न आयामों के साथ श्वसन अभ्यास, ध्यान, योग, प्राणायाम, क्रमिक मांसपेशी शिथिलीकरण और निर्देशित कल्पना जैसी तकनीकों की जानकारी दी।
छठवें एवं समापन दिवस क्षेत्रीय अपर संचालक, उच्च शिक्षा, छत्तीसगढ़ शासन डॉ. अमिताभ बनर्जी ने प्रशासनिक उत्कृष्टता एवं सुशासन पर विचार रखे। उन्होंने पारदर्शिता, जवाबदेही, जिम्मेदारी, टीमवर्क, प्रभावी संचार, डिजिटलीकरण और संसाधनों के उचित उपयोग को संस्थागत उत्कृष्टता का महत्वपूर्ण आधार बताया।
प्रतिभागियों को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
समन्वयक डॉ. नियति गुरुद्वान ने बताया कि पूरे कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने प्रश्नोत्तर और संवाद के माध्यम से सक्रिय सहभागिता की। FDP से प्रशासनिक नियमों की समझ, कार्यस्थल संवेदनशीलता, साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता, शासकीय प्रक्रियाओं की जानकारी और टीम भावना को बढ़ावा मिला।
समापन समारोह का संचालन FDP के सह-समन्वयक डॉ. अनिल रामटेके ने किया। अंत में IQAC संयोजक डॉ. मंजू वर्मा ने अतिथियों, विशेषज्ञ वक्ताओं, महाविद्यालय प्रशासन, आयोजन समिति और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
समग्र रूप से एक सप्ताह का यह FDP प्रशासनिक दक्षता, सुशासन और संस्थागत उत्कृष्टता की दिशा में उपयोगी एवं सार्थक पहल के रूप में संपन्न हुआ।









