
कांकेर। CG DASTAK
कांकेर। आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए कांकेर जिले में प्रशासन ने जांच अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देश पर ‘बने खाबो, बने रहिबो 2.0’ अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन, खाद्य विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है।

इस अभियान के तहत नरहरपुर, चारामा, कांकेर, पखांजूर, भानुप्रतापपुर, अंतागढ़ और दुर्गूकोंदल क्षेत्रों में मिठाई निर्माण स्थल, मिठाई दुकानें, थोक कन्फेक्शनरी दुकानें, किराना प्रतिष्ठान और होटलों की जांच की गई।
मिठाई, दूध, पनीर समेत 24 सैंपल लिए
औचक निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के 24 नमूने लिए हैं। इनमें मिठाई, पनीर, दूध, दही, नमकीन और घी सहित अन्य खाद्य सामग्री शामिल है। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है।

जिला अभिहित अधिकारी सुस्मित देवांगन ने बताया कि जांच रिपोर्ट में यदि कोई खाद्य सामग्री अमानक पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
तीन प्रतिष्ठानों पर प्रकरण दर्ज
जांच के दौरान खाद्य विभाग ने बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार करने और एक्सपायरी खाद्य सामग्री बेचने के मामलों में तीन खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
खाद्य कारोबारियों को प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखने, अखाद्य रंगों का इस्तेमाल नहीं करने, स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने और खाद्य सामग्री को अखबारी कागज में नहीं रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उपभोक्ताओं से भी सावधानी बरतने की अपील
खाद्य विभाग ने उपभोक्ताओं से खुले और अमानक खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल से बचने की अपील की है। विभाग ने विशेष रूप से अधिक रंग वाली मिठाइयों से सावधान रहने और बाजार से पैक्ड खाद्य सामग्री खरीदते समय उसका लेबल जांचने की सलाह दी है।
खाद्य सामग्री खरीदते समय निर्माण तिथि और उपयोग की अंतिम तिथि जरूर जांचने की अपील की गई है।









