
रायपुर। CG DASTAK
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि बस्तर में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान के तहत लक्ष्य आबादी के लगभग 99 प्रतिशत यानी 34.29 लाख लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग पूरी कर ली गई है। साथ ही प्रदेश में एनालॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अभियान के दौरान मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कैंसर सहित कई गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर इलाज शुरू किया गया। 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया, जबकि 10,938 हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी और उपचार सुनिश्चित किया गया।
मंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य संस्थानों को प्रशिक्षित स्टाफ मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
उन्होंने बताया कि राज्य के 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक पैथोलॉजी जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं प्रदेश में 375 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस संचालित की गई हैं, जिनके माध्यम से जनवरी 2024 से जून 2026 तक 6.50 लाख से अधिक लोगों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं मिली हैं।
मंत्री ने दावा किया कि रणनीतिक प्रयासों से बस्तर में मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60% से घटकर 0.48% रह गई है। इसके अलावा प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में 11.89 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव कराए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एनालॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य सचिव द्वारा मीडिया के कुछ सवालों का जवाब नहीं दिए जाने पर भी सवाल उठे। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को अधिक सक्रिय और जवाबदेह रहने के निर्देश दिए।
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