
भिलाई। CG DASTAK
15 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस का दावा- फ्ल्यू डस्ट की आड़, GPS-नंबर प्लेट बदलकर और फर्जी बिल से चलता था पूरा नेटवर्क

भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में करोड़ों रुपये के कथित लोहा चोरी सिंडिकेट का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार अब तक इस मामले में कथित मास्टरमाइंड संजय सिंह समेत BSP के कुछ अधिकारियों, ट्रांसपोर्टर, ड्राइवर, क्रेन ऑपरेटर और स्क्रैप कारोबारियों सहित 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का दावा है कि यह किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क का काम था।
पुलिस जांच के मुताबिक, चोरी के लिए प्लांट से निकलने वाले फ्ल्यू डस्ट (धूल और राख) की आड़ का इस्तेमाल किया जाता था। आरोप है कि ट्रकों में फ्ल्यू डस्ट के नीचे कीमती स्टील प्लेट और कटिंग छिपाई जाती थी, जबकि ऊपर से फिर डस्ट भर दी जाती थी ताकि जांच में सिर्फ डस्ट ही दिखाई दे।
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर ट्रकों के GPS और नंबर प्लेट बदल दिए जाते थे, ताकि उनकी पहचान और ट्रैकिंग मुश्किल हो जाए। पुलिस के अनुसार, कुछ तय ट्रकों और ड्राइवरों का इस्तेमाल किया जाता था तथा पूरे ऑपरेशन के लिए अलग-अलग लोगों की जिम्मेदारियां पहले से तय रहती थीं।

पुलिस का आरोप है कि प्लांट से बाहर निकलने के बाद चोरी का लोहा पहले एक गोदाम में ले जाया जाता था, जहां उसकी छंटाई कर जरूरत पड़ने पर दूसरी गाड़ियों में शिफ्ट किया जाता था। इसके बाद कथित तौर पर फर्जी बिलों के जरिए लोहे को वैध माल दिखाकर रायपुर समेत विभिन्न रोलिंग मिलों तक पहुंचाया जाता था।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि सुरक्षा जांच के दौरान यह पूरा नेटवर्क लंबे समय तक कैसे सक्रिय रहा। पुलिस के अनुसार, मामले में सुरक्षा व्यवस्था, CCTV निगरानी और अन्य संबंधित पहलुओं की भी जांच जारी है।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या कार्रवाई हो सकती है।










