
13 दिसंबर को न्यायालय सरायपाली में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। नेशनल लोक अदालत की 04 खण्डपीठों में श्रमिक विवाद, बैंक रिकवरी प्रकरण, विद्युत एवं देयकों के अवशेष बकाया की वसूली और राजीनामा योग्य अन्य मामले के बकाया की वसुली संबंधी प्री-लिटिगेशन मामले, राजस्व न्यायालयों से संबंधित प्रकरण सुनवाई हेतु रखे गये थे। उक्त मामलों के अलावा राजीनामा योग्य दांडिक प्रकरण, परक्राम्य लिखत अधि की धारा-138 के अधीन परिवाद पर संस्थित मामले, मोटर दुर्घटना दावा संबंधी मामले तथा विद्युत अधिनियम 2003 की धारा-135 (क) के तहत विद्युत चोरी के मामले, सिविल मामले भी नियत किये गये थे। उक्त खण्डपीठों में उपरोक्त सभी मामलों की सुनवाई करते हुए सरायपाली न्यायालयों में प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसी प्रकार खण्डपीठ क्रमांक 01 श्रीमती वंदना दीपक देवांगन प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में प्री-लिटिगेशन संबंधीत मामलों में विद्युत से संबंधित 11 प्रकरण में 4,79,000 रूपये, ट्रांसफर डिक्री के 05 प्रकरणों में निराकरण किया गया एवं मोटर दावा दुर्घटना के 05 प्रकरणों में 85,20,000 रुपये का और सिविल निष्पादन 8,50,000 रुपए का निराकरण किया गया। वहीं खंडपीठ 02 पंकज आलोक तिर्की द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सरायपाली के न्यायालय में आर्बिटेशन के कुल 05 प्रकरणों में 32,74,148 रुपये एवं 01 एमएसीटी में 5,50,000 रुपये का निराकरण किया गया। खंडपीठ क्रमांक 03 वैभव घृतलहरे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सरायपाली के न्यायालय में धारा 138 के 01 प्रकरण में 3,00,000 रुपये, दाण्डिक के प्रकरण, सिविल, समरी 345 में 54,000 रुपये तथा खंडपीठ क्रमांक 04 विनय कुमार साहू न्यायिक मजिस्ट्रेट सरायपाली के न्यायालय में धारा 138 के 03 प्रकरणों में 15,69,696, समरी 135 प्रकरणों 23,000 रुपये, प्रिलिगेशन के 06 प्रकरणों में 54,000 रुपये की राशि के साथ निराकरण किया गया।










