
लगभग दो वर्ष से बन रहे गौरव पथ को लेकर लोगों की परेशानी कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। निर्माण कार्य प्रारंभ होने के समय से ही यह मार्ग राहगीरों की परेशानी का सबब बना हुआ है। पूर्व में जहाँ निर्माण कार्य की लेट लतीफी के कारण आये दिन ही रहे जाम से लोग परेशान रहते थे, वहीं अब गुणवत्ताहीन निर्माण से लोगों को परेशानी हो रही है। सड़क के किनारे नाली निर्माण हेतु बेतरतीब ढंग से गड्ढे खोदे गए थे, जिसे ठीक से नहीं पाटा गया और ऊपर से जैसे-तैसे समतल कर दिया गया है। इन स्थानों से जब भारी वाहन गुजर रहे हैं, तो आये दिन सड़क के धसने और यहीं वाहनों के फसने की घटनाएँ हो रही हैं।
वर्तमान में शहर के मध्य घण्टेशवरी मंदिर से बैतारी चौक तक गौरव पथ निर्माण का कार्य लगभग पूर्णता की और है। हालांकि कार्य शुरू हुए लगभग दो वर्ष हो चुके हैं, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण अभी भी सड़क के कई कार्य अधूरे हैं। इन दिनों सड़क के दोनों किनारों पर नाली निर्माण का कार्य प्रगति पर है। नाली निर्माण हेतु पूर्व में जो गड्ढे खोदे गए थे, उसे सही ढंग से नहीं पाटा गया और उसके ऊपर ही सड़क बना दिया गया है, जिसके कारण आये दिन उन स्थानों पर सड़क के धसने की शिकायतें मिल रही है। भारी माल वाहक चाहन किसी कार्य वश जब वाहन को सड़क के किनारे खड़ी करते हैं, तो कई स्थानों पर सड़क ही भैंस जाती है, जिससे वाहन के पहिये उसमें फंस जाते हैं। ऐसे में वाहन को वहाँ से निकालने के लिए चालकों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।इस तरह की घटनाएँ आए दिन देखी जा रही है। पूर्व में शहर के झिलमिला के पास तारिया मिल के सामने, संतोषी मंदिर के पास आदि कई स्थानों पर देखी गई थी, जबकि हाल में ही शहर के मध्य पेट्रोल पंप के पास एक और भारी वाहन सड़क के धंसने से फँस गया। इस तरह की घटनाओं की देखते हुए शहर वासियों में गौरव पथ निर्माणकर्ता के खिलाफ काफी आक्रोश भी देखा जा रहा है










